नैनीताल 30 जुलाई 2023 - सूरज की सतह पर शुक्रवार की रात शक्तिशाली विस्फोट हुआ। विस्फोट से निकले तूफान का दायरा काफी ज्यादा था। यह 20 ग्रहों को चपेट में ले सकता था। सौर तूफान की दिशा पृथ्वी के विपरीत थी। इस कारण सैटेलाइट और हवाई सेवाओं को नुकसान नहीं हुआ।

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. वहाबउद्दीन ने कहा कि भारतीय समय अनुसार शुक्रवार रात 09 बजे सूरज की सतह पर विस्फोट हुआ। इस विस्फोट की लपटें पृथ्वी से 20 गुना बड़ी थीं।

सूर्य की सतह पर बीते कई दिनों से सन स्पॉट (एआर3372) बना हुआ था। विज्ञानियों को इससे बड़े विस्फोट की आशंका थी। विस्फोट इतना बड़ा हुआ कि इसमें उठी ज्वाला भयानक थी। इसकी लपटें लाखों किलोमीटर दूर तक फैल गई।

कई अंतरिक एजेंसियों की दूरबीनों ने इन लपटों को कैद किया है। यह ज्वाला एम-4 कैटेगरी की आंकी गई है। इस श्रेणी के विस्फोट में हाई चार्ज पार्टिकल आकाश के बड़े हिस्से में छिटक गए। इसके साथ निकले तौर तूफान की दिशा पृथ्वी की तरफ नहीं थी।

डॉ वहाबउद्दीन ने कहा कि सूरज पर कई सन स्पॉट बने हुए हैं। जिनमें विस्फोटों की संभावना है। विस्फोटों का सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। वर्तमान में 25वां सौर चक्र चल रहा है। इसमें सूर्य अधिकतम सक्रियता के दौर से गुजर रहा है।

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