रायपुर 23 सितंबर 2023 - लिखित परीक्षा में अन्‍य पिछड़ा वर्ग (OBC) के एक अभ्‍यर्थी को 770 अंक हासिल करने के बावजूद CGPSC ने इंटरव्यू से वंचित कर दिया। वहीं, इससे कम अंक पाने वालों को न केवल इंटरव्‍यू के लिए बुलाया गया, बल्कि कई का चयन भी हो गया। 770 अंक प्राप्‍त करने के बावजूद इंटरव्‍यू से बाहर किए गए पाटन के रहने वाले इस अभ्‍यर्थी शिवम कुमार देवांगन ने इसकी शिकायत की तो CGPSC ने लिखित में सफाई जारी की और बताया कि शिवम देवांगन ने परीक्षा में पहचान उजागर किया था, इस वजह से उन्‍हें इंटरव्‍यू के लिए आयोग्‍य करार दिया गया है।

लिखित परीक्षा में ज्‍यादा अंक प्राप्‍त करने के बावजूद आयोग्‍य करार दिए गए शिवम ने NPG से चर्चा करते हुए बताया कि वह इससे पहले भी CGPSC की परीक्षा में शामिल हो चुका है। 2018 , 2020 और 2022 में उसने लिखित परीक्षा दी थी। शिवम ने कहा कि हम स्‍कूल के समय से पढ़ते आ रहे हैं कि उत्‍तर पुस्तिका में कभी भी अपना नाम नहीं लिखना चाहिए। मैंने भी अपना नाम कहीं नहीं लिखा। CGPSC की परीक्षा में शिकायती पत्र लिखने के लिए कहा गया था, जिस तरह के मैंने पत्र लिखा है वैसे ही कई लोगों ने लिखा है। इसके बावजूद मुझे अपात्र घोषित कर दिया गया है। 

CGPSC की इस सफाई पर सोशल मीडिया में जमकर प्रतिक्रिया आ रही है। कई ऐसे अभ्‍यर्थियों की उत्‍तर पुस्तिका सोशल मीडिया में शेयर की जा रही है, जिन्‍होंने शिवम कुमार की तरह की किसी न किसी का नाम लिखा है या ऐसे शब्‍दों का प्रयोग किया है जिससे पहचान उजागर हो रही है। इसके बावजूद न केवल उन्‍हें इंटरव्‍यू में शामिल किया गया बल्कि मैरिट लिस्‍ट में भी उनका नाम है। मैरिट लिस्‍ट में शामिल एक चयनित ने तो उत्‍तर ही गलत लिखा है इसके बाद भी उसे नंबर दिया गया है।

दरअसल प्रश्‍न पत्र में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के सचिव को पत्र लिखने के लिए कहा गया था, लेकिन एक अभ्‍यर्थी ने जनपद पंचायत के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी को मनरेगा में भ्रष्‍टाचार की शिकायत करते हुए पत्र लिखा है। इस पत्र में जनपद पंचायत मुंगेली का उल्‍लेख है। सरपंच भठगांव भी लिखा हुआ है। इसके बावजूद अभ्‍यर्थी को पूरा अंक दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह उत्‍तर पुस्तिका जिस अभ्‍यर्थी की है उसका नाम मैरिट सूची में है। इसी तरह एक पत्र में गनियारी गांव का नाम लिखा हुआ है।

शिवम देवांगन ने बताया कि अब वे इस मामले में हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।