थाना प्रभारी की काली करतूत उजागर , पहले कॉलगर्ल को गिरफ्तार करता फिर उनसे ग्राहकों के वीडियो बनवाकर करता था ब्लैकमेल , अब हुआ बर्खास्त
मध्य प्रदेश , 28-01-2022 11:49:52 AM
भोपाल 28 जनवरी 2022 - भोपाल में कॉलगर्ल को गिरफ्तार कर उनसे ग्राहकों के वीडियो बनावा कर ब्लैकमेल करने वाला अयोध्या नगर थाने के TI हरीश यादव को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। भोपाल पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर ने TI लगे आरोपों की जांच के बाद बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं।
आरोपी हरीश यादव पर सेक्स रैकेट में शामिल कालगर्ल को संरक्षण देने, ग्राहकों को ब्लैकमेल करने और रेप जैसे गंभीर मामलों में फंसाने के आरोपों की जांच चल रही थी। तत्कालीन आईजी योगेश देशमुख के आदेश पर हरीश के खिलाफ जांच शुरू हुई थी। जांच में आरोप सही पाए गए। वर्तमान में हरीश प्रशिक्षण शाखा में पदस्थ थे। इस मामले में तीन पुलिसकर्मी सुभाष गुर्जर , अनिल जाट , लाड सिंह गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
- ऐसे हुआ हरीश यादव की शर्मनाक करतूत का खुलासा -
निशातपुरा थाने में 28 अगस्त 2019 को मनीष नाम के युवक को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया। तब दुष्कर्म का केस दर्ज करने वाली लड़की उससे पांच लाख रुपये की मांग करने लगी। मनीष को शक हुआ। उसने इसकी शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से की। उसने बताया कि वह सेक्स रैकेट के अड्डे में गया था, जहां उसके वीडियो बना लिए गए। इसके बाद उसे फंसा दिया गया।
- कॉलगर्ल के साथ मिलकर टी आई वसूलता था मोटा पैसा -
इसी बीच सितंबर 2019 निशातपुरा पुलिस ने सेक्स रैकेट चलाने वाली नीपा घोटे , रिजवाना नाम को गिरफ्तार किया। दोनों की पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अयोध्या नगर थाना प्रभारी हरीश यादव के संरक्षण में सेक्स रैकेट चलाती हैं। ग्राहकों के वीडियो बनाकर टीआई को देती हैं। टीआई ग्राहकों को रेप के केस में फंसाकर पैसा वसूलता है। टीआई और कालगर्ल में पैसे का बंटवारा कर लिया जाता है। जो ग्राहक पैसा नहीं देते हैं, उन्हें रेप के केस में फंसा दिया जाता है। तीन माह के अंदर करीब 10 लोगों को इस तरह से ब्लैकमेल किया गया था। कालगर्ल की पूछताछ के बाद टीआई हरीश को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद उनकी पोस्टिंग सागर जिले हो गई थी।
- टी आई ने कॉलगर्ल से ऐसे बनाए कनेक्शन -
हरीश यादव अयोध्यानगर थाने में तैनाती के दौरान पहले सेक्स रैकेट के अड्डों में दबिश देते थे। इस दौरान वह कालगर्ल को इस शर्त पर छोड़ते थे कि आगे से वह जिस तरह से कहेंगे वैसे करना पड़ेगा। पैसे के लालच में टीआई गिरोह का हिस्सा बने। इसके बाद कॉल गर्ल से मिलकर लोगों को पहले फंसाया फिर धमकी देकर लाखों रुपये वसूले। लोग भी बदनामी के डर से चुप रह गए। अयोध्या नगर में लगभग सभी कॉल गर्ल बर्खास्त टीआई यादव के संपर्क में रहती थीं। वह लगातार उनसे बात भी करता था। टीआई कॉल गर्ल के बीच हुई बातचीत की रिकार्डिंग भी पुलिस अधिकारियों को मिली थीं।
- ऐसे फंसाता था जाल में -
कॉल गर्ल किसी व्यक्ति के साथ जाने की खबर टीआई को देती थी। इसके बाद वह थाने से दल-बल के साथ पहुंचकर लड़की के साथ मिले व्यक्ति को दबोच लेता। आपत्तिजनक हालत में मिलने से लोग विरोध भी नहीं कर पाते थे और बदले में मोटी रकम, जो कई लाख में होती थी, उनसे वसूली जाती थी। जो लोग मौके पर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ते थे, उनसे वसूली के लिए लड़कियों से शिकायत कराने के बाद थाने बुलाकर रुपये ऐंठे जाते थे। भोपाल आईजी द्वारा कराई गई जांच में टीआई यादव के कनेक्शन अयोध्या नगर समेत भोपाल की कई चर्चित कॉल गर्ल से होने के साक्ष्य मिले थे।
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