महामंडलेश्वर को रेप के झूठे आरोप में फसाने की साजिश नाकाम, 50 हजार में हुआ था रेप के आरोप लगाने का सौदा
उज्जैन 10 मार्च 2026 - निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज को दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की साजिश थी। उज्जैन पुलिस ने महिला सहित दो लोगों पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की है। आरोपियों ने वाराणसी की महिला को 50 हजार रुपये का लालच देकर रेप की झूठी शिकायत करने के लिए दबाव बनाया था। इनकार करने पर उसकी अश्लील तस्वीरें प्रसारित करने की धमकी दी थी।
पुलिस के अनुसार महिला वाराणसी के एक अस्पताल में सफाईकर्मी है, जो कुछ समय पूर्व उज्जैन आई थी। यहां महाकाल दर्शन और शिप्रा परिक्रमा के दौरान इंदौर के घनश्याम पटेल, गढ़कालिका मंदिर के समीप रहने वाली मंदाकिनी पुरी और चारधाम मंदिर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद से उसकी पहचान हो गई।
महिला उज्जैन में ही चारधाम मंदिर के समीप किराये के मकान में रहने लगी थी। मंदाकिनी ने उसे खाना बनाने के लिए अपने घर बुलाया, जहां वह करीब एक सप्ताह रही। इसी दौरान घनश्याम और मंदाकिनी ने उस पर महामंडलेश्वर के खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए दबाव बनाया, लेकिन महिला वाराणसी चली गई। महिला ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि 27 फरवरी को घनश्याम बनारस पहुंचा और 50 हजार रुपये का लालच दिया। बेटे के खाते में दो हजार रुपये ट्रांसफर कर वाराणसी से उज्जैन तक का बस टिकट कराया। साथ ही केस न करने पर मंदाकिनी पुरी द्वारा उसके अश्लील फोटो सार्वजनिक करने की धमकी दी। महिला इससे डर गई और गुरुवार को उज्जैन पहुंची।
रविवार को वह दत्त अखाड़ा परिसर में घनश्याम की मौजूदगी में कैमरामैनों को बयान दे रही थी। तभी आनंदपुरी महाराज, पंडित लोकेश शर्मा और संजय गोस्वामी पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा को सूचना दी। पुलिस ने महिला के मोबाइल सहित अन्य बिंदुओं पर जांच की, साथ ही मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल के खिलाफ धारा 49, 61 (1), 232 (1), 351 (3), 296 (बी), 3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया है।
टीआई गगन बादल ने बताया कि सोमवार को कोर्ट में महिला के बयान दर्ज करवाए हैं। मामले में कुछ नाम सामने आए हैं। जांच के बाद उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है।
सोर्स - ND















