छत्तीसगढ़ - बिना चुनाव लड़े निर्विरोध राज्यसभा सांसद बनी यह महिला नेत्री, इस पार्टी ने बनाया था उम्मीदवार
रायपुर 09 मार्च 2026 - छत्तीसगढ़ में भाजपा के कोटे से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार चुनी गई दिग्गज महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा के लिए सांसद चुन ली गई हैं। उनका निर्वाचन निर्विरोध रहा, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। प्रदेश भाजपा की मुखर नेत्री लक्ष्मी वर्मा के सांसद चुने जाने से प्रदेश की महिलाओं में खासा उत्साह है।
गुरुवार 05 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा की मौजूदगी में लक्ष्मी वर्मा ने अपना नामांकन दाखिल किया था। मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के मुड़पार गांव की रहने वाली लक्ष्मी वर्मा पिछले तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष तक का सफर तय किया है।
कौन हैं छत्तीसगढ़ से राज्यसभा पहुंचने वाली लक्ष्मी वर्मा?
लक्ष्मी वर्मा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1990 में भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेकर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। उन्हें साल 2000 में रायपुर के तत्कालीन सांसद रमेश बैस का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुआ। इसके तुरंत बाद साल 2001 में उन्हें भाजपा महिला मोर्चा की कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने महिलाओं को संगठित करने और पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
साल 2010 से 2014 के बीच लक्ष्मी वर्मा ने भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। लक्ष्मी वर्मा को 2021 से 2025 तक भाजपा छत्तीसगढ़ का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। इसी दौरान, साल 2021 से 2024 के बीच उन्होंने गरियाबंद जिले के संगठन प्रभारी और पार्टी की आधिकारिक मीडिया प्रवक्ता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
लक्ष्मी वर्मा ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण चुनावी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है। उनके सफर की शुरुआत साल 1994 में हुई, जब वह पहली बार रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 7 से पार्षद निर्वाचित हुईं। स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद, साल 2010 में उन्होंने रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली।















