छत्तीसगढ़ में बड़े प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी, बदले जा सकते है सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास तोपनो
रायपुर 24 सितम्बर 2025 - छत्तीसगढ़ की ब्यूरोक्रेसी के भीतर जल्द ही एक बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट है। यह बदलाव मंत्रालय से लेकर जिलों में पदस्थ कलेक्टरों तक हो सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के साथ-साथ प्रस्तावित फेरबदल के मसौदे पर सरकार अपनी मुहर लगा देगी। इस हफ्ते के अंत तक राज्य को अपना नया प्रशासनिक मुखिया मिल जाएगा. खबर है कि सरकार नान परफार्मर कलेक्टरों की विदाई करने के मूड में है।
नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के साथ ही सरकार मंत्रालय में कुछ अफसरों की जिम्मेदारियों में अहम बदलाव कर सकती है। एसीएस से लेकर सचिव स्तर तक के अफसरों की जिम्मेदारी बदली जा सकती है. कई नाम हैं, लेकिन ब्यूरोक्रेसी के भीतर की चर्चा में अब तक सुने गए नामों में यह कहा गया है कि सिद्धार्थ कोमल परदेसी से स्कूल शिक्षा लेकर उन्हें स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा सौंपा जा सकता है। वहीं बसव राजू से नगरीय प्रशासन लेकर उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया को नगरीय प्रशासन विभाग दिए जाने की चर्चा मंत्रालय के गलियारे में तैर रही है।
प्रस्तावित फेरबदल में कुछ कलेक्टरों को इधर से उधर किए जाने की उम्मीद है। कोरबा कलेक्टर अजित वसंत के खिलाफ भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर मुखर हो गए हैं। साय सरकार के आने के बाद से ही वह कोरबा कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। डीएमएफ, सीएसआर फंड में भारी गड़बड़ी की शिकायत के बाद अजित वसंत को सरकार ने कोरबा भेजा था। इसी तरह सक्ती कलेक्टर अमृत विकास टोपनो , सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर, बेमेतरा कलेक्टर रणबीर शर्मा, सारंगढ़ कलेक्टर संजय कन्नौजे, कबीरधाम कलेक्टर से गोपाल वर्मा, बस्तर कलेक्टर हरीश एस, बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, सहित कई जिलों के कलेक्टर इधर से उधर किए जा सकते हैं।
सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारियों को कहना है कि सूबे की साय सरकार के लगभग दो साल पूरे हो गए हैं। सुशासन का नारा बुलंद कर रही सरकार अब प्रशासनिक कसावट पर गंभीर है। सरकार की नजर कलेक्टरों के कामकाज पर है। नान परफार्मर कलेक्टरों को सरकार साइड लाइन करने के मूड में आ गई है।
















