बम्हनिनडीह में हुए अंधे हत्या काण्ड की गुत्थी सुलझी , आरोपी ने इस वजह से दिया था वारदात को अंजाम ,,
जांजगीर चाम्पा , 07-12-2020 11:28:52 PM
जांजगीर चाम्पा 07 दिसम्बर 2020 - एस पी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक दिनांक 05 दिसम्बर 2020 को जरिये मोबाईल सूचना मिला की ग्राम बम्हनीडीह के धान मण्डी के पास सतबहनीया मंदिर के बगल में एक व्यक्ति अधजला एंव नग्न अवस्था में मृत चित हालात में पड़ा है।
सूचना पर मौके पर हमराह स्टाप के जाकर देखा जो लोगों से पुछताछ करने पर गौरीशंकर पटेल निवासी बम्हनीडीह के द्वारा मृतक को पहचान कर अपना छोटा भाई शिवशंकर पटेल उम्र 45 वर्ष का होना बताया कि रिपोर्ट पर मर्ग क्रमांक 30/2020 धारा 174 जाफी एंव अपराध क्रमांक 97/2020 धारा 302 , 201 भादवि कायम कर जांच पंचनामा विवेचना कार्यवाही में लिया गया।
जिसके बाद प्रकरण की स्थिति वरिष्ठ अधिकारी गण को अवगत कराया गया तथा पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारूल माथुर के निर्देशानुसार एवं अति पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह तथा पुलिस अनु.अधिकारी चांपा श्रीमती पद्मश्री तंवर के दिशा निर्देश पर आरोपी का धरपकड पतासाजी हेतु निर्देश प्राप्त हुआ।
विवेचना के दौरान एंव घटना के गवाहों से पुछताछ पर पता चला कि मृतक एंव आरोपी दिनांक 05 दिसम्बर को सुबह 09 से 10 बजे के बीच पिकनिक शराब पार्टी करने हेतु हसदेव नदी किनारे सतबहनीया मंदिर के बगल में पिकनिक मनाने गये थे उसी बीच आरोपी एंव मृतक के बीच झगडा विवाद होने पर आरोपी के द्वारा मृतक को डण्डा से मारपीट किया जो शराब के नशे में होने से जमीन पर गिर गया एंव आरोपी द्वारा लकड़ी एंव मृतक के कपड़ों व बोरा बरदाना से आग लगा कर मृतक के सिर चेहरा छाती को जला कर हत्या कर दिया और वहां से नदी किनारे तरफ की ओर से घर भाग गया।
प्रकरण में आरोपी रामायण पटेल को पकड कर थाना लाकर पुछताछ करने पर अपना अपराध कबुल किया , प्रकरण में आरोपी के द्वारा घटना में प्रयुक्त डण्डा को गवाहों के समक्ष जप्त किया गया है।
आरोपी रामायण पटेल पिता बालकृष्ण पटेल उम्र 23 साल साकिन पटेलपारा बम्हनीडीह थाना बम्हनीडीह जिला जांजगीर चांपा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया है।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी राम कुमार तोडे प्रधान आरक्षक रामकृष्ण खैरवार , आरक्षक मनीराम यादव , मंगल सिंह नेमात , उप्तार सिंह सिदार , नंद कुमार दर्वेश , कार्तिक कंवर , लव कुमार माझी , सुरेद्र मार्को , हिरेन्द्र राजपूत का विशेष योगदान रहा।

















