दिन के बजाय रात में ही क्यो होते है हवाई हमले , जाने यह 06 बड़ी वजह
नई दिल्ली 09 मई 2025 - भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों पर रात के समय हवाई हमले किए. यह कोई पहला मौका नहीं है. 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक भी रात के अंधेरे में की गई थीं. दुनिया भर की सेनाएं, चाहे अमेरिका, इजरायल या रूस, अक्सर रात में ही एयर स्ट्राइक या विशेष अभियान चलाती हैं।
उदाहरण के तौर पर, 2011 में अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद में रात के समय ही निशाना बनाया था. लेकिन सवाल यह है कि रात में ही एयर स्ट्राइक क्यों की जाती है? इसके पीछे सैन्य रणनीति, तकनीकी लाभ और वैज्ञानिक कारण शामिल हैं. आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।
01 - रात का समय दुश्मन की सुरक्षा व्यवस्था में ढील लाता है. सैनिक और आतंकी समूह रात में अपेक्षाकृत कम सतर्क रहते हैं. अचानक हमला दुश्मन को जवाबी कार्रवाई का समय नहीं देता।
02 - आधुनिक सेनाओं के पास नाइट विजन गॉगल्स , इन्फ्रारेड कैमरे और लो-लाइट इमेजिंग सिस्टम जैसी उन्नत तकनीकें हैं, जो रात में दुश्मन के ठिकानों को आसानी से ट्रैक करती हैं।
03 - भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 और राफेल विमानों में रात के अभियानों के लिए अत्याधुनिक तकनीक मौजूद है, जो पायलट्स को दुश्मन पर बढ़त देती है।
04 - रात में अचानक हमला दुश्मन के मनोबल को तोड़ता है. उनकी कमांड और नियंत्रण प्रणाली में अव्यवस्था फैल जाती है. 2019 की बालाकोट स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना और वायुसेना घंटों तक भ्रम की स्थिति में रही, जिसका भारत को रणनीतिक लाभ मिला।
05 - दिन के उजाले में विमान रडार पर आसानी से पकड़े जा सकते हैं, लेकिन रात में वातावरण में नमी और तापमान का बदलाव रडार की प्रभाव शीलता को कम करता है. लड़ाकू विमान रात में कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं और पहाड़ों या भौगोलिक संरचनाओं का लाभ उठाते हैं, जिससे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को लक्ष्य लॉक करने में मुश्किल होती है।
06 - रात में कोहरा, बादल या अंधेरा विमानों को छिपने में मदद करता है. इसके अलावा, रात में विमानों की आवाज दिन की तुलना में कम सुनाई देती है, जिससे गुप्त अभियानों में आसानी होती है. अमेरिका द्वारा ओसामा बिन लादेन के खिलाफ ऑपरेशन भी रात में इसी वजह से किया गया था।
















