छत्तीसगढ़ - पूर्व विधायक सहित कांग्रेस के इन चार दिग्गजों को सता रहा है गिरफ्तारी का डर
मंगलवार को बहस के दौरान ED के वकील ने आरोपियों का आवेदन खारिज कर जमानत नहीं देने की मांग की है। ED के वकील सौरभ पांडेय ने पक्ष रखते हुए कहा है कि पूर्व में कोर्ट के समंस और बेलेबल वारंट के बाद भी आरोपी डेढ़ साल से नहीं आ रहे थे। ये शहर में घूमते नजर आते थे। लेकिन कोर्ट के समन पर भी अपीयर नहीं हुए। ऐसी स्थिति में उनकी ओर से धारा 88 CRPC के तहत पेश किए गए आवेदन को रिजेक्ट करने की मांग की गई है।
ED के वकील ने सौरभ पांडेय ने बताया कि चार आरोपियों ने स्वंय के मुचलके पर जमानत के लिए आवेदन किया है। लेकिन पिछले डेढ़ साल से ये उपस्थित नहीं हो रहे थे। कोर्ट ने कई बार समन गया और बेलेबल वारंट जारी किया गया। इसके बाद भी जब हमने कोर्ट में प्रोक्लेमेशन सेक्शन 82 के तहत आवेदन पेश किया था। जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए उन्हें भगोड़ा घोषित किया था। भगोड़ा घोषित करने के दौरान प्रचार-प्रसार की कार्रवाई हो गई थी। उसके बाद उन्हें समझ आया कि उनकी कही भी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। इसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए धारा 88 के तहत आवेदन लगाया है। जिसका विरोध किया गया है।















