सक्ती - जैजैपुर के कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू की मुश्किलें बढ़ी , हाईकोर्ट ने आपत्ति को किया खारिज
सक्ती , 17-12-2024 6:10:38 AM
सक्ती 17 दिसम्बर 2024 - जैजैपुर के मतदाता सरोज कुमार चन्द्रा एवं दिगम्बर साहू के द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी बालेश्वर साहू के उपर आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय बिलासपुर में एक याचिका दायर की गई थी जिसका चुनाव याचिका क्रमांक-04/2024 एवं 05/2024 है। उक्त याचिका जन प्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 80 ए एवं 81 के अर्तर्गत दायर किया है।
याचिका में कांग्रेस प्रत्याशी बालेश्वर साहू पर आरोप लगाया गया है कि बालेश्वर साहू को दिनांक 03 दिसम्बर 2023 को निर्वाचित उम्मीदवार घोषित किया गया था। मतदाता का आरोप है कि बालेश्वर साहू अधिनियम की धारा 123 के अनुसार उपरोक्त चुनाव में भ्रष्ट आचरण करने का दोषी है। तथा उनके द्वारा अपने आपराधिक इतिहास / उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को व्यापक रूप से प्रसारित नही किया गया है और उन तथ्यों को सोशल मीडिया में खुलासा भी नही किया है और इस तरह पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य 2019 MCC 224 के मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का पालन नही किया है इसलिए उनके निर्वाचन को खारिज किया जावे।
इस पर विधायक बालेश्वर साहू ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से चुनाव याचिका को खारिज करने के लिए व्यवहार प्रक्रिया संहिता के आदेश 07 नियम 11 के साथ अधिनियम की धारा 86 के तहत याचिका को खारिज करने का आवेदन प्रस्तुत किया था। तथा अपने आवेदन में यह उल्लेख किया था कि याचिकाकर्ता के द्वारा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के समक्ष क्रमशः 15/17-01-01/2024 को दोषपूर्ण हलफनामों के साथ तत्काल दोषपूर्ण चुनाव याचिकाएं दायर की थी। जिसे रजिस्ट्रार ने मामले को डिफॉल्ट में सूचीबद्ध किया और दिनांक 24 जनवरी 2024 को उन दोषों को दूर कर दिया। इस प्रकार से चुनाव याचिका को खारिज करने का निवेदन किया गया।
इस पर उच्च न्यायालय ने दोनो पक्षों के वकीलों को सुनने तथा अभिलेख पर उपलब्ध सामग्री का अवलोकन करने के पश्चात् अपने आदेश में विभिन्न न्याय दृष्टांतो का हवाला देते हुए याचिका गुण दोष पर विचार करने के बाद तथा कथनों की समर्थन में साक्ष्यों की सत्यता पर विचार करने के बाद निर्णय करने पर बल देते हुए बालेश्वर साहू द्वारा प्रस्तुत आदेश 07 नियम 11 व्यवहार प्रक्रिया संहिता का आवेदन को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 19 दिसम्बर 2024 के लिए नियत किया है।

















