सक्ती - भाजपा में उठे विरोध के स्वर , उपेक्षित नेताओ ने कहा पद लो तुम और दरी बिछाए हम
सक्ती , 15-08-2024 7:35:56 AM
सक्ती 15 अगस्त 2024 - नव गठित सक्ती जिले में भाजपा की अंतर्कलह खुल कर सामने आने लगी और यह अंतर्कलह उस वक्त आई जब निकाय चुनाव की उलटी गिनती शुरू हुई। सरकार जँहा निकाय और पंचायत चुनाव को साथ साथ संपन्न कराने के लिए प्रयासरत है वही सक्ती जिले में सिर फुटव्वल की नौबत आ गई है और ये हुआ है सरकारी संस्थाओं में समिति गठन के बाद।
दरअसल भाजपा जिलाध्यक्ष के अनुशंसा पर जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सक्ती जिले के सभी सरकारी स्कूल , कॉलेज और अस्पतालों में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की है। भाजपा कार्यालय से जारी लिस्ट को लेकर भाजपाईयों का एक बड़ा वर्ग खासा नाराज है। हालांकि यह वर्ग खुल कर तो कुछ बोल नही रहे है लेकिन अपनी नाराजगी प्रदेशाध्यक्ष तक पंहुचाने की बात जरूर कह रहे है।
असंतुष्ट भाजपा नेताओं का साफ कहना है कि पार्टी उन्हें टिकट देकर सांसद और विधायक बनाने से तो रही लेकिन सरकारी संस्थाओं में सदस्य या अध्यक्ष मनोनीत कर उन्हें सालों की निष्ठा का फल तो दे ही सकती थी लेकिन यँहा भी उनकी उपेक्षा कर दी गई है।
पद पाने से वंचित रहे भाजपा नेताओं का आरोप है कि समिति में एक ब्यक्ति को दो पद दिया गया है जबकि वह पहले से जिला पदाधिकारी है। वरिष्ठ नेताओं का यह भी कहना है कि समर्पित कार्यकर्ताओ की उपेक्षा कर उन लोगो को समिति में पद दिया है जिनके कहने से उनके परिजन तक भाजपा को वोट नही देते है।
नाराज नेताओं का यह भी कहना है कि जो कल पार्टी में आये है उन्हें जवज्जो दी जा रही है लेकिन जो सालों से पार्टी के लिए मेहनत कर रहे है उन्हें दुत्कारा जा रहा है। इस नियुक्ति को लेकर असंतुष्ट भाजपा नेताओं ने तो ऐसे-ऐसे शब्दों का उपयोग किया है जिसे लिख पाना मर्यादा के बाहर है।
अनुशासित कहे जाने वाली इस पार्टी में जिस तेजी से विरोध के स्वर मुखर हो रहे है वो निश्चित रूप से पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित होगी। विरोध बगावत में बदले उससे पहले पार्टी पदाधिकारियों को चाहिए कि असंतुष्ट नेताओं को संतुष्ट करे नही तो इसका खामियाजा निकाय चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।

















