सक्ती का मामूली बोरा सिलाई करने वाला 'टेमरिहा' कैसे बना सट्टा किंग?? , क्या है 'टेमरिहा' कि कहानी , पढ़े इस खबर में,,
सक्ती , 04-06-2024 7:37:00 AM
सक्ती 04 जून 2024 - जिसके पास कुछ साल पहले घर का किराया देने लायक रुपये नही रहता था आज वो ऑफिसर कॉलोनी में लाखों के आलीशान मकान में रहने लगा , हर छह महीने में कार बदलने लगा यही नही सक्ती के VIP एरिया जग्गनाथ पुरम में महलनुमा बंगला बनाने के लिए करोड़ो की जमीन तलाश रहा है।
हम बात कर रहे है "टेमरिहा" कि जिसके पास कुछ साल पहले खाना खाने तक के लिए पैसे नही होता था और आज सट्टे के कारोबार के चलते करोड़ो में खेल रहा है। लोगों की माने तो कुछ साल पहले "टेमरिहा" का परिवार राजापारा में कबाड़ी के दुकान के पास खाली बोरे की सिलाई कर जीवन यापन करता था। एक समय ऐसे भी आया कि "टेमरिहा" के परिवार को महज दो हजार महीने वाला किराए का मकान भी महंगा लगने लगा। जिसके बाद सक्ती से बोरियां बिस्तर समेट कर टेमर गांव में कच्चे के मकान में अपना बोरा सिलाई का धंधा जमा लिया। लेकिन चाचा ने धोखा दिया और "टेमरिहा" का परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गया। ये उस समय की बात है जब "टेमरिहा" जवानी की दहलीज में कदम रख रहा था।
दोस्तो के मुताबिक जवान होते-होते "टेमरिहा" की दोस्ती सक्ती शहर के कुछ नामचीन सटोरियों से ही गई और उनसे सट्टे का गुर सिख कर "टेमरिहा" ने अंक सट्टे के कारोबार में तकदीर आजमाया जिसमे वो कामयाब रहा बदलते वक्त के साथ "टेमरिहा" अंक सट्टे का काम छोड़ कर क्रिकेट सट्टे में भाग्य आजमाया और उसमें भी सफल रहा। आज आलम यह है कि "टेमरिहा" घर पर नोटो की बारिश होती है और उसकी गिनती सक्ती शहर के नामचीन सटोरियो में की जाती है।
बताया जाता है कि तकदीर का धनी "टेमरिहा" जुआ खेलते तो कई बार पकड़ाया लेकिन सट्टा का कारोबार करते एक बार भी पुलिस के हत्थे नही चढ़ा है और यही वजह है कि उसके हौसले बुलंद है।
टेमरिहा पर हमारी पड़ताल लगातार जारी रहेगी..

















