सक्ती - गोमती देवी हॉस्पिटल को बचाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग?? , क्लीनचिट देने की हो रही है तैयारी??
सक्ती , 12-05-2024 7:44:45 AM
सक्ती 12 मई 2024 - बिनब्याही युवती के डिलीवरी कांड से चर्चा में आये गोमती देवी हॉस्पिटल को क्लीनचिट देने के कुत्सित प्रयास में स्वास्थ्य महकमा जुटा हुआ है। यही वजह है कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक जांच रिपोर्ट तैयार नही हुई है जबकि जांच रिपोर्ट देने के लिए 07 दिन का डेडलाइन जाँच कमेटी को दिया गया था।
हॉस्पिटल सूत्रों के मुताबिक जाँच टीम में शामिल डॉक्टर और स्टाफ में से कुछ लोग गोमती देवी हॉस्पिटल के शुभचिंतक है जिन्हें इस बात के लिए कमेटी में रखा गया है कि अगर कोई गलती निकले तो उसे सार्वजनिक होने से पहले दबा दिया जाय।
जाँच टीम में शामिल एक ईमानदार स्टाफ की माने तो जांच के दौरान गोमती देवी हॉस्पिटल में कई खामियां मिली थी जैसे अनट्रेंड ( नौसिखिया) स्टाफ द्वारा कार्य कराना , महिला BAMS ( Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery ) डॉक्टर द्वारा सोनोग्राफी करवाना , नार्मल की जगह सिजेरियन डिलीवरी कराना , बिल बढ़ाने के लिए पेशेंट को जबरजस्ती रोक कर रखना , मामूली बीमारी के लिए हॉस्पिटल में एडमिट करना वगैरह-वैगेरह।
बताया तो यह भी जा रहा है की जब जाँच टीम के कुछ ईमानदार डॉक्टरों के गोमती देवी के गायनोलॉजिस्ट से सवाल किए तो वे भड़क गए और अपनी ऊंची पँहुच और CMHO साहब से मधुर संबंध होने का हवाला देते हुए उनके साथ बहस करने लगे जिसका VIDEO शोसल मिडिया में वायरल है।
इसमें कोई शक नही है कि सक्ती के CMHO डॉ सूरज राठौर बेहद सख्त , बेदाग और ईमानदार है और वे इस मामले में कोई कम्प्रोमाइज नही करेंगे लेकिन उनका क्या जो तनख्वाह सरकार से लेते है और सेवाएं गोमती देवी हॉस्पिटल में देते है।
बहरहाल इस मामले में सक्ती के CMHO डॉ सूरज राठौर और गोमती देवी हॉस्पिटल के गायनोलॉजिस्ट जिसे यूरिन टेस्ट के बाद पता चलता है कि महिला 09 महीने की गर्भवती है दोनो की साख दांव पर लगी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि किसकी साख बचती है और किसकी साख जय जोहार होती है।

















