सक्ती - वोटिंग परसेंटेज ने कमलेश की बढ़ाई चिंता , शिव है जीत को लेकर बेफिक्र , पढ़े पूरी रिपोर्ट
सक्ती , 08-05-2024 11:17:11 PM
सक्ती 08 मई 2024 - छत्तीसगढ़ में बीजेपी को सबसे ज्यादा मेहनत जांजगीर चाम्पा लोकसभा में करनी पड़ी। इस लोकसभा में एक तरफ जहां PM मोदी से लेकर गृहमंत्री , मुख्यमंत्री की सभा हुई और लगातार डिप्टी सीएम विजय शर्मा जांजगीर चांपा लोकसभा में डेरा जमाए हुए थे। तो वही दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी कमलेश जांगड़े भी मतदाता तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
जांजगीर लोकसभा की एक- एक रिपोर्टिंग बड़े नेताओ तक पहुंचती रही. उसके बाद समीकरण बनते रहे. वहीं जिस विधानसभा में बीजेपी कमजोर दिखाई दी वहां हर स्तर में रणनीति तैयार कर अपने पक्ष में माहौल बनाया गया। लेकिन वर्तमान सांसद की निष्क्रियता को भुनाने में कांग्रेस सफल साबित होते दिखा।
दोनों पार्टी अपने-अपने बड़े नेताओं के चेहरे को लेकर चुनाव लडे। चुनाव के दौरान दोनों प्रत्याशी के ऊपर आरोप प्रत्यारोप लगते रहे। कांग्रेस बीजेपी के वर्तमान सांसद के निष्क्रियता को लेकर जनता को बताती रही तो भाजपा महतारी वंदन योजना एवं मोदी की गारंटी को लेकर मतदाता तक पहुंचती रही। मतदान तक मतदाता भी खामोश रहे। वही माहौल किसी एक प्रत्याशी की ओर झुकते नहीं दिखा।
दोनों प्रत्याशियों का मुकाबला मतदान की तारीख तक टाइट रहा। लेकिन 7 मई मतदान के बाद जो वोट प्रतिशत के आंकड़े सामने आए उससे बीजेपी की चिंता थोड़ी बढ़ी हुई हैं। क्योंकि जिस विधानसभा में देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री की आम सभा हुई उस विधानसभा के वोट के परसेंटेज सबसे कम रहे, जो बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
इस बार जांजगीर चांपा लोकसभा में बीएसपी का खास असर दिखाई नहीं दिया। इसलिए चर्चा है कि बहुजन समाज पार्टी के वोटर निर्णायक भूमिका में होंगे क्योंकि अनुसूचित जाति वर्ग के वोटर जिसके पक्ष में वोट ज्यादा करेंगे जीत उन्हीं की होगी।

















