सक्ती - पंडित अग्निहोत्री को हर चुनाव की तरह इस चुनाव में भी मिला खड़े में धोखा , अब कर रहे है पछतावा
सक्ती , 30-04-2024 8:01:44 PM
सक्ती 30 अप्रैल 2024 - सक्ती के कद्दावर नेता व राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले पंडित देवेन्द्र नाथ अग्निहोत्री इस लोकसभा चुनाव में पूरी तरह फ्रेम से बाहर नजर आ रहे है यही वजह है कि ना तो उनकी प्रेस विज्ञप्ति आ रही है और ना वे कही होर्डिंग्स में नजर आ रहे है।
एक समय था जब पंडित देवेन्द्र अग्निहोत्री त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी को जिताने के लिए किंगमेकर की भूमिका निभाते रहे है। लेकिन एक गलत फैसले की वजह से ना सिर्फ उनका राजनीतिक भविष्य तबाह हो गया बल्कि वे हांसिये पर भी चले गए है। गलत फैसले की शुरुआत 2018 में हुई थी तब से उन्हें हर बार उन्हें खड़े में धोखा मिलते आ रहा है।
साल 2018 और 2023 के विधानसभा चुनाव में वे पुरानी सभी दुश्मनी भुला कर अपने कट्टर दुश्मन राजा सुरेंद्र बहादुर के समर्थन में खड़े रहे इतना ही नही राजा सुरेंद्र बहादुर के दत्तक पुत्र को टिकट दिलाने के लिए दिल्ली तक दौड़ लगाई थी लेकिन राजा के बेटे को टिकट नही मिली ऐसे में देवेंद्र अग्निहोत्री और राजमहल ने कांग्रेस प्रत्याशी डॉ चरणदास महंत का खुल कर विरोध किया जिसका परिणाम यह रहा है हजारों वोट से जीत दर्ज करने वाले डॉ महंत कुछ हजार वोट से जीते।
विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के दरमियान सक्ती में तेजी से समीकरण बदले और राहुल गांधी , भूपेश बघेल के साथ शान से तश्वीर खिंचा कर पूरे शहर में होर्डिंग्स लगवाने वाले धर्मेन्द्र सिंह ( राजा सुरेंद्र बहादुर के दत्तक पुत्र) अचानक भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बगल में आकर तश्वीर खिंचवाने लगे। और एक दिन ऐसे आया कि धर्मेन्द्र सिंह ने देवेन्द्र अग्निहोत्री को धोखा देकर भाजपा में शामिल हो गए।
अब पंडित देवेन्द्र अग्निहोत्री जो कभी ठेठ कांग्रेसी थे वे राजमहल का साथ देकर ना तो घर के रहे और ना घाट के अब आलम यह है कि सक्ती के कांग्रेसी नेता पंडित देवेन्द्र अग्निहोत्री को कांग्रेसी मानने को तैयार नही है क्योंकि उन्होंने विधानसभा में कांग्रेस का जमकर विरोध किया था और वे भाजपा में जा नही सकते है। अब उनके पास एक ही रास्ता बचा है कि वे राजनीति के ताम-झाम से दूर रहकर खेती किसानी में ध्यान दे क्योंकि अब समय बदल गया है और दुकानों में शक्कर से महंगी गुड़ बिकने लगी है।

















