पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहो कि शराब बेचना बंद करे , फिर शराबियों पर कार्यवाही करो , जाने क्या है मामला
गौरेला पेंड्रा मरवाही , 02-03-2023 7:06:21 AM
GPM 02 मार्च 2023 - गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी चलाना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। नशे में धुत शिक्षक लापरवाही से कार चला रहा था, जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने यातायात पुलिस की पेट्रोलिंग टीम से कर दी। मामला पेंड्रा थाना क्षेत्र का है। इसके बाद यातायात पुलिस ने शिक्षक को रोक लिया। उनके बीच काफी देर तक बहस होती रही, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस उसे थाने ले आई और उसका मेडिकल करवाया गया। इस दौरान नशे में शिक्षक ने कहा कि राज्य सरकार प्रोपेगेंडा करने की जगह शराब बेचना बंद करे, तब न तो कोई कर्मचारी शराब पी सकेगा और न तो कोई शिक्षक। वहीं इस घटना पर शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक कार क्रमांक CG 10 AM 6762 का चालक गाड़ी को तेज और लापरवाही पूर्वक सड़कों पर भगा रहा था और वह विद्यानगर इलाके में भीड़भाड़ से होता हुआ निकल रहा था। इस दौरान यातायात पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी भी भीड़भाड़ वाले इलाके में तेज रफ्तार कार का पीछा करते हुए उसे विद्यानगर में ही रोक लिया। कार चालक की पहचान पेंड्रा ब्लॉक के गिरारी गांव के शासकीय स्कूल में पदस्थ अनुज कुमार अग्निहोत्री के रूप में हुई है।
तट्रैफिक पुलिस के जवानों से नशे में चूर शिक्षक काफी देर तक बहस करता रहा आखिरकार यातायात पुलिस कार चालक को पकड़कर पुलिस गाड़ी से यातायात थाने लेकर आई और अनुज कुमार अग्निहोत्री का डॉक्टरी मुलाहिजा कराया गया, जिसमें शिक्षक नशे में पाया गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने भीड़भाड़ वाले इलाके में तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने और लोगों की जान को जोखिम में डालने का मामला दर्ज करने की बात कही है।
इधर जब मीडियाकर्मियों ने आरोपी से उसका नाम पूछा, तब उसने अपना गलत नाम बताया। शिक्षक ने इतनी शराब पी हुई थी कि गाड़ी से उतर भी नहीं पा रहा था। इधर मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मी ने जब शिक्षक से सवाल किया, तो शिक्षक पत्रकारों पर ही भड़क गया और कहने लगा कि नेतागिरी बंद करो। उसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भड़कते हुए कहने लगा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहो कि दारू बेचना बंद करे, 4 साल हो गया प्रोपेगेंडा करते हुए, शराब बंद हो जाएगी, तो ना कोई कर्मचारी शराब पीएगा और ना कोई शिक्षक.. मेडिकल जांच के लिए बोले जाने पर शिक्षक ने खुद ही स्वीकार किया कि वो नशे में है और शराब पी रखी है, डॉक्टर क्या बताएंगे मैं खुद बता रहा हूं।
इधर मामले में विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अगर कार्यालयीन समय पर कोई शिक्षक शराब के नशे में इस तरह की हरकत करता है, तो उस पर निश्चय ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी पर भी विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कर्मचारी शासन-प्रशासन का अंग है, ऐसे में इस तरह की टिप्पणी करना गलत है।
















