छत्तीसगढ़ - SP ने जब चोर से पूछा की चोरी करने के बाद कैसा लगा और चोरी के रुपयो का क्या किया , पढ़े चोर ने क्या जवाब दिया
दुर्ग , 24/07/2024 5:03:04 AM
दुर्ग 01 दिसम्बर 2022 - छत्तीसगढ़ में इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस अफसर चोर से सवाल जवाब कर रहे हैं। वहीं चोर अपने ही अंदाज में अनोखा जवाब दे रहा है। जवाब ऐसा कि उसे सुनकर वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मी हंस पड़े।
दरअसल यह वीडियो दुर्ग पुलिस का है, जिसमें दुर्ग एसपी अभिषेक पल्लव चोर से पूछते नजर आ रहे है कि उसे चोरी करके कैसा लगा अब चोर का जवाब भी सुनिए। चोर ने जवाब दिया कि चोरी करके पहले तो बहुत अच्छा लगा लेकिन बाद में पछतावा भी हुआ। जब फिर से एसपी ने पूछा कि पछतावा क्यों हो रहा है तो उसने बोला गलत काम करने का पछतावा है। इसके बाद एसपी ने पूछा, चोरी में कितना मिला और उसका क्या किया तो चोर ने कहा, 10 हजार मिले और वो सब गरीबों में बांट दिया। गाय , कुत्ता और जिसको ठंड लगती है, उनको बांटा है और जरूरतमंदों को कंबल बांटा है। जिसे सुनकर सब हंसने लगे।
बता दे कि, कुछ दिन पहले सुपेला, वैशाली नगर और स्मृति नगर चौकी क्षेत्र में चोरी करने वाले पांच बदमाशों और चोरी के जेवर के खरीदार व खपाने वाले तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपितों ने एक दुकान और तीन सूने मकानों में चोरी की थी। आरोपितों में एक अपचारी बालक भी शामिल है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपितों का सुराग मिला। जिसके बाद पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। आरोपितों के पास से कुल आठ लाख रुपये का सामान जब्त किया गया था। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ चोरी की धारा के तहत कार्रवाई की थी। पकड़े गए बदमाशों में इंदिरा नगर शीतला मंदिर के पास सुपेला निवासी साहिल खान उर्फ गब्बर (18), महेश यादव (18), नहर पारा रावणभाठा सुुपेला निवासी गुलाम खान (23), शीतला मंदिर के पास सुपेला निवासी सोनू उर्फ तुकेश्वर उर्फ डोकरा (19) और एक अपचारी शामिल हैं।
इस मामले की जानकारी देते हुए एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने पांच महीने में चार स्थानों पर चोरियां की थी। पांचों आरोपितों ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्होंने बुटीक में चोरी की थी। इसके अलावा आरोपितों ने तीन अन्य घरों से भी चोरी करने की बात स्वीकार क थी। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि चोरी के पहले वे लोग सूने घरों की रेकी करते थे और उसके बाद चोरी की घटना को अंजाम देते थे।
















