शर्मशार हुई माँ की ममता , पैदा होते ही बच्ची को गीले खेत में फेंका , नवजात बच्ची का क्या हुआ यह जानने के लिए पढ़े पूरी खबर
मध्य प्रदेश , 23-11-2022 4:03:08 PM
रायसेन 23 नवम्बर 2022 - नवजात बच्ची गेहूं के खेत में पानी के बीच पड़ी थी। सुबह खेत पहुंचे सरपंच राम कुमार यादव ने बच्ची को देख डायल-100 को सूचना दी। ठंड से कांप रही बच्ची की जान बचाने के लिए डायल - 100 के ड्राइवर ने मात्र 09 मिनट में 15 किमी का सफर तय कर जिला अस्पताल पहुंचाया। डाक्टर का कहना है कि 08 से 18 घंटे पहले बच्ची का जन्म हुआ है। मामला ग्राम निहालपुर गांव का है। रबी सीजन होने के चलते इन दिनों खेत में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का काम जारी है। गांव के सरपंच राम कुमार यादव के खेत पर भी सिंचाई की जा रही है। नवजात को जहां फेंका गया था वह हिस्सा काफी गीला था। बच्ची का शरीर ठंडा पड़ चुका था सरपंच ने बच्ची को उठाकर अपने गमछे से लपेट लिया। बच्ची ठंड के कारण अकड़ रही थी। नर्स ने नली के माध्यम से उसे सांसें दीं। ऐसा कर बच्ची की जान बचाई गई।
थाना प्रभारी जगदीश सिंह सिद्धू का कहना है कि सरपंच ने सूचना दी थी। बच्ची को फेंकने वाले की तलाश की जा रही है। जिला अस्पताल के निश्चेतना डॉक्टर अनिल ओढ़ ने बताया कि नवजात बच्ची को डायल-100 की मदद से जिला अस्पताल लाया गया था। जन्म के कुछ देर बाद ही बच्ची को गीली जगह पर फेंक दिया गया था। इस कारण उसे हाइपोथर्मिया हुआ है। उसकी सांसें तो चल रही थी, लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही थी। अस्पताल में पहुंचते ही उसका इलाज शुरू किया गया। सबसे पहले उसे भांप देना शुरू किया। नर्स ने नली के माध्यम से उसे सांसें दीं। ऐसा कर बच्ची की जान बचाई गई। अब उसकी हालत में सुधार है। उसे जिला अस्पताल के SNCU वार्ड में रखा गया है।
















