15 बच्चों को लगाई इंफेक्टेड स्लाइन बॉटल , लैब की रिपोर्ट में हुआ खुलासा , अब कंपनी पर दर्ज होगी FIR
मध्य प्रदेश , 09-11-2022 7:12:13 AM
उज्जैन 09 नवंबर 2022 - चरक भवन में सितंबर में भर्ती मासूमों को चढाई गई बोतलों के मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। बच्चों को बैक्टीरिया वाली बोतलें चढ़ा दी गई थी। जिसका खुलासा कोलकाता स्थित सेंट्रल लैब से आई रिपोर्ट से हुआ है। अब ड्रग इंस्पेक्टर दवा सप्लाय करने वाली धार की कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उस दौरान बोतलों के कारण किसी बच्चे को किसी कोई गंभीर परेशानी नहीं हुई थी।
जिला अस्पताल में धार की कंपनी आइवीस ने आइवी फ्रूट्स (लिक्विड सोडियम कंपाउंड) की बोतलें सप्लाई की थी। कंपनी ने करीब 15 हजार बोतल भेजी थी इन बोतलों को चरक भवन स्थित स्टोर में रखा गया था। जहां से बच्चा वार्ड में दी गई थी।
15 सितंबर को वार्ड में 10 से 15 बच्चों को बोतलें चढ़ाने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी। बच्चों को कंपकंपी के साथ बुखार आ रहा था। जिस पर नर्सों ने डाक्टरों को इसकी शिकायत की थी। जिसके बाद बोतलों का पूरा बैच ही रोक दिया गया था। मामला सामने आने के बाद सिविल सर्जन डा. पी एन वर्मा ने ड्रग इंस्पेक्टर धर्मसिंह कुशवाह को सूचना देकर बोतलों का सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए कहा था।
ड्रग इंस्पेक्टर धर्मसिंह कुशवाह ने बताया कि बोतलों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए राजकीय लैब भोपाल भेजने के बजाए सेंट्रल लैब कोलकाता भेजा था जहां से कुछ दिन पूर्व आई रिपोर्ट में बोतलों में बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई है।
रिपोर्ट के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर ने कंपनी को नोटिस जारी किया था मगर कंपनी के अधिकारियों ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया और एक माह बाद उसका जवाब दिया कंपनी के अधिकारी लैब की रिपोर्ट को चैलेंज करना चाहते थे मगर नियमानुसार 28 दिन के अंदर ही रिपोर्ट को चैलेंज किया जा सकता था इस कारण ड्रग इंस्पेक्टर धर्मसिंह कुशवाह ने चैलेंज को अस्वीकार करते हुए मामला भोपाल मुख्यालय को भेज दिया है वहां से अनुमति मिलने के बाद कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ सीधे कोर्ट में केस दायर किया जाएगा।
धर्मसिंह कुशवाह के अनुसार बच्चों को चढ़ाई जाने वाली बोतलों में बैक्टीरिया मिलना बेहद गंभीर मामला है जरा सी लापरवाही से कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी अब कंपनी को एक और नोटिस भेज कर उनके डायरेक्टरों के नामों की लिस्ट मांगी है नाम की जानकारी आने के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किए जाएंगे।
















