छत्तीसगढ़ में मौत का ऐसा क्षेत्र जँहा सात दिन में उठी 05 अर्थियां , दहशत के साये में ग्रामीण , जाने वजह
जशपुर , 13-06-2022 12:07:06 AM
जशपुर 12 जून 2022 - छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। हाथियों ने जशपुर जिले में हाथियों का आतंक जारी है। बीते रात कांसाबेल वन परिक्षेत्र के चेटबा , डोकडा , सिकाबहरी और डाँड़पानी गांव में हाथियों के दल ने खूब उत्पाद मचाया। किसानों के घर में रखे अनाज को चट कर गए। साथ ही कई घरों में तोड़फोड़ भी किया है। हाथियों की आतंक से ग्रामीण भय के साए में रतजगा करने को मजबूर हैं। कुनकुरी, पथलगांव, तपकरा और कांसाबेल वन परिक्षेत्र में हाथी जंगल से रिहायशी इलाके में आ जा रहे हैं, जिसकी वजह से पिछले एक सप्ताह के भीतर हाथी के कुचलने से 5 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
वन विभाग की टीम लगातर हाथी गस्ती दल बनाकर हाथी विचरण क्षेत्र में दौरा कर ग्रामीणों को सजग कर रहा है । इसके बावजूद भी हाथियों के हमले से ग्रामीणों को बचाने में असफल है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन अमला को हाथी आने की सूचना देने के बाद पहुंचते हैं। इसके लिए पहले से कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। वही पहली और दूसरी मौत तपकरा वनपरिक्षेत्र में हुई, तीसरी और चौथी मौत कुनकुरी वन परिक्षेत्र में हुई और पांचवी मौत बगीचा वन परिक्षेत्र के मइनी गांव में हुई है। हाथियों ने एक हफ्ते में 5 लोगों को कुचल के मौत के घाट उतार दिया है।
















