नई दिल्ली 28 जुलाई 2022 -  देश में सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए सरकार ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर कानून बनाए हैं। सीपीसीबी ने इसके लिए कई सारे उपायों को अपनाया है। प्रदूषण बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 01 जुलाई से यदि सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री देखी गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम के मैन्युफैक्चरिंग , इंपोर्ट , स्टॉकिंग , डिस्ट्रीब्यूशन , बिक्री और इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है।

01 जुलाई से प्रतिबंधित किए जाने वाले आइटम

- प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स

- गुब्बारों की प्लास्टिक स्टिक

- प्लास्टिक के झंडे

- कैंडी स्टिक

- आइस्क्रीम स्टिक

- सजावट वाले थर्माकोल

- प्लास्टिक प्लेट और कप

- प्लास्टिक पैंकिंग आइटम

- प्लास्टिक इनविटेशन कार्ड

- सिगरेट के पैकेट

- 100 माइक्रोन से कम माप वाले पीवीसी बैनर

क्या है सिंगल यूज प्लास्टिक?

सिंगल यूज प्लास्टिक का मतलब उन प्रोडक्ट से है। जिसे एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आसानी से डिस्पोज नहीं होता। सिंगल यूज वाले प्लास्टिक में पैकेजिंग से लेकर बोतलें , पॉलिथीन बैग , फेस मास्क , कॉफी कप , क्लिंग फिल्म , कचरा बैग और फूड पैकेजिंग जैसी चीजें आती हैं।

क्या है अब विकल्प?

सीपीसीबी ने लोगों से इको-फ्रेंडली विकल्प चुनने का अनुरोध किया है। सरकार ने प्लास्टिक थैलियों की बजाय कॉटन थैलियों का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है। सर्कुलर में कहा कि प्लास्टिक की थैलियों की जगह नेचुरल क्लोथ का उपयोग किया जा सकता है। ऑर्गेनिक कॉटन , ऊन या बांस से बने टिकाऊ कपड़े धोने पर प्लास्टिक के रेशे नहीं छोड़ते हैं।