चंडीगढ़ 07 मई 2021 - आज पूरा देश रेमडेसिविर इंजेक्‍शन की भारी किल्‍लत से जूझ रहा है, वहीं पंजाब के चमकौर साहिब के नजदीक भाखड़ा नहर से सैकड़ों रेमडेसिविर और चेस्ट इंफेक्शन के इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। इनमें सरकार को सप्लाई किए जाने वाले 1456 इंजेक्शन, 621 रेमडेसिवीर इंजेक्शन व 849 बिना लेबल के इंजेक्शन भी शामिल हैं। हालांकि इंजेक्शन के असली या नकली होने की पुष्टि नहीं हो पाई है।

5400 रुपए लिखी है एमआरपी

एक दैनिक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक रेमडेसिविर इंजेक्‍शन पर एमआरपी 5400 रुपए व मैन्युफैक्चरिंग डेट मार्च 2021 और एक्सपायरी डेट नवंबर 2021 लिखी है। सेफोपेराजोन इंजेक्शन पर मैन्युफैक्चरिंग डेट अप्रैल 2021 व एक्सपायरी डेट मार्च 2023 अंकित है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन टीकों पर फॉर गवर्नमेंट सप्लाई नॉट फॉर सेल भी लिखा हुआ है।

सवाल यह की कहां से आई ये दवाइयां

गौरतलब है कि देश में रेमडेसिविर और चेस्ट इंफेक्शन के इंजेक्शनों की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी हो रही है। पंजाब में भी रेमडेसिवीर और अन्य दवाओं की कमी चल रही है। ऐसे में सरकार को सप्लाई होने वाले इंजेक्शन भाखड़ा नहर में मिलना सरकार की कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान छोड़ते हैं।