नई दिल्ली 19 अगस्त 202 -  आने वाले समय में कुछ राज्‍यों में बिजली संकट गहरा सकता है। इसकी वजह बताते हुए आइइएक्स ने बताया कि इन राज्यों ने बिजली संयंत्रों को समय पर बकाये का भुगतान नहीं किया। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आइइएक्स) ने छत्तीसगढ़ , महाराष्ट्र , आंध्र प्रदेश , तेलंगाना , तमिलनाडु , बिहार , कर्नाटक , मणिपुर , मिजोरम , जम्मू-कश्मीर , मध्य प्रदेश पर गुरुवार आधी रात से पावर एक्सचेंजों में बिजली का सौदा करने से मना कर दिया है। यह पहली बार जब एक साथ दर्जन भर से ज्यादा राज्यों पर रोक लगाई गई है।

आइइएक्स का कहना है कि उसने सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक कानून सम्मत कदम उठाया है। हालांकि राज्यों के साथ मुद्दे को सुलझाने को लेकर बातचीत हो रही है। पहले भी एक-दो राज्यों की तरफ से देर से भुगतान किए जाने का संज्ञान लेते हुए आइइएक्स ने उन्हें पावर ड्रेटिग करने से रोक लगाई थी।

राज्यों की तरफ से बिजली संयंत्रों को समय पर बकाये का भुगतान करने का मुद्दा आजकल सुर्खियों में हैं। हाल ही में पीएम नरेन्द्र मोदी ने इस मुद्दे को उठाया था। केंद्र सरकार के केंद्रीय बिजली नियमन, 2022 के तहत उक्त कदम उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ राज्यों ने तो बिजली संयंत्रों को पिछले सात महीने से खरीदी गई बिजली का भुगतान नहीं किया है।

बिजली नहीं खरीद सकेंगे ये राज्य

छत्तीसगढ़ , महाराष्ट्र , आंध्र प्रदेश , तेलंगाना , तमिलनाडु , बिहार , झारखंड , कर्नाटक , मणिपुर , मिजोरम , जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश

बिजली की मांग ऐसे होती है पूरी

राज्य को दो तरह से बिजली मिलती है। एक तो वह बिजली संयंत्रों के साथ बिजली खरीद का समझौता (पावर परचेज एग्रीमेंट) करते हैं। राज्यों की अधिकांश बिजली की मांग इससे ही पूरी होती है। हालांकि रोजाना की खपत और मांग में अंतर को देखते हुए ये राज्य पावर एक्सचेंज से बिजली खरीदते हैं।