इंदौर 29 अप्रैल 2021 - कोरोना संक्रमित पति की मौत के सदमे में 34 वर्षीय प्रोफेसर पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी. मृतिका इंडोर के एक निजी कॉलेज में प्रोफेसर थीं, जबकि महामारी के शिकार उनके पति का वन विभाग के डिप्टी रेंजर पद पर चयन हो चुका था.

दरअसल बड़वानी बिजलपुर क्षेत्र निवासी पवन की लव स्टोरी 18 वर्ष पहले छत्तीसगढ़ के कोरबा से शुरू हुई थी. नेहा बिलासपुर की रहने वाली थी. दोनों को पहले एक दूसरे से प्यार हुआ उसके बाद दोनों ने लव मैरिज शादी करके इंदौर में रहने लगे थे।

18 साल पुराने प्यार को शादी के बंधन में जुड़े अभी 5 साल ही बीते थे कि कोरोना ने दोनों की जिंदगी को तबाह कर दिया।

इंदौर राजेंद्र नगर पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) कुंदनमल रैगर ने बताया कि बिजलपुर क्षेत्र में रहने वाले पवन पंवार (35) की यहां एक निजी अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के दौरान बुधवार सुबह मौत हो गई. वह 19 अप्रैल से अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने बताया की पवन पंवार की पत्नी नेहा (34) को जब पति की मौत की जानकारी मिली, तो वह सदमे में अस्पताल से सीधे घर आईं और अपने गले पर दुपट्टा बांधकर पंखे से लटक कर फांसी लगा ली।

एएसआई ने बताया कि नेहा, शहर के एक निजी कॉलेज में प्रोफेसर थीं, जबकि महामारी के शिकार उनके पति का वन विभाग के डिप्टी रेंजर पद पर चयन हो चुका था. हालांकि, महामारी के प्रकोप के कारण वन विभाग में उनका प्रशिक्षण सत्र रद्द हो गया था और वह इस पद को विधिवत संभाल नहीं सके थे उन्होंने बताया कि महिला प्रोफेसर की कथित खुदकुशी के मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.