विदिशा 15 मार्च 2023 - विदिशा जिले की लटेरी तहसील के गांव खेरखेड़ी में खेत में खुले पड़े 60 फीट गहरे बोरवेल में गिरे सात वर्ष के बच्चे को बचाने के लिए पूरी रात NDRF और SDRF की टीम का रेस्क्यू आपरेशन चलता रहा। बुधवार सुबह करीब 11 बजे तक सुरंग बनाने का काम पूरा हो गया। इसके बाद टीम के चार सदस्‍य सुरंग के अंदर गए और सुबह करीब पौने 12 बजे बच्‍चे को बाहर लेकर आए। बाहर एंबुलेंस और डाक्‍टरों की टीम मुस्‍तैद थी। बच्‍चे को एंबुलेंस के जरिए लटेरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना कर दिया गया रेस्‍क्यू आपरेशन करीब 24 घंटे चला। रेस्‍क्‍यू टीम ने अभी बच्‍चे की सेहत को लेकर जानकारी साझा नहीं की है।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोदाई के दौरान चट्टान आ जाने के कारण भी देरी हुई। रेस्क्यू में जुटे जवानों का कहना है कि खोदाई के दौरान बच्चा बोरवेल में नीचे खिसक गया, इसलिए उन्हें गड्ढे की गहराई बढ़ानी पड़ी। सुबह 06 बजे तक करीब 46 फीट गड्ढा खोदा जा चुका था, इसके बाद 05 फीट और खोदाई की गई। इसके बाद सुबह करीब 08 बजे NDRF की टीम ने सुरंग बनाने का काम शुरू किया।

बता दे कि एक दिन पहले मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे खेत में चना की फसल काट रहे मजदूर दिनेश अहिरवार का बेटा सात वर्षीय लोकेश अहिरवार पड़ोस के खेत में खुले पड़े बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था जिसे बचाने के लिए दोपहर 12 बजे से रेस्क्यू आपरेशन चलाया जा रहा है।