क्वारेन्टीन सेंटर से घर जाने के लिए श्रमिको ने रची ऐसी साजिश की उड़ गए प्रसासन के होश ,,
छत्तीसगढ़ , 30-06-2020 4:04:40 PM
कोरबा 30 जून 2020 - करतला विकासखंड के पटियापाली हाईस्कूल के क्वारेंटाइन सेंटर में किसी भूत या प्रेतात्मा का साया नहीं है। इस सेंटर में भूत-
प्रेत के साये से प्रभावित होने पर प्रवासी मजदूर को मूत्र पिलाने की घटना भी अफवाह मात्र निकली। समाचार पत्रों के माध्यम से मिली जानकारी के बाद कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिये थे।
डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र प्रधान की नेतृत्व में नायब तहसीलदार बरपाली , करतला के खंड शिक्षा अधिकारी और उरगा थाना प्रभारी ने जब पटियापाली हाईस्कूल पहुंचकर पूरे मामले की जांच की तो स्पष्ट हुआ की कोरेन्टीन सेंटर में रूके प्रवासी मजदूरों ने जल्दी घर जाने की चाहत में भूत और प्रेतात्मा होने का अफवाह अन्य मजदूरों के बीच फैलाई थी।
जांच दल ने क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के शपथ पूर्ण बयान दर्ज कर डाक्टर की मौजूदगी में मजदूरों की मानसिक कांउंसिलिंग भी कराई ।
क्वारेंटाइन सेंटर में रूके मजदूरों ने जांच दल को दिये अपने बयान में स्पष्ट किया है कि खेती-किसानी का समय होने के कारण सभी लोग जल्दी अपने-अपने घर जाना चाहते हैं लेकिन क्वारेंटाइन सेंटर से उन्हें निर्धारित समयावधि पूरा करने के पहले घर जाने नहीं दिया जा रहा था इसलिए उन्होंने कोरेन्टीन सेन्टर में भूत प्रेत के नाम पर भय फैलाकर जल्दी घर जाने के लिए यह अफवाह फैलाई थी।
प्रवासी श्रमिकों ने यह भी स्पष्ट किया कि भूत और प्रेत के साये के नाम पर किसी भी प्रवासी मजदूर को मूत्र पिलाने जैसी घटना क्वारेंटाइन सेंटर में नहीं हुई है।
पटियापाली के क्वारेंटाइन सेंटर में 62 प्रवासी श्रमिकों को रखा गया है। चार श्रमिकों के कोरोना संक्रमित होने के कारण उन्हें कोरबा के कोविड 19 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सेंटर में रूके एक प्रवासी श्रमिक की तबियत खराब होने के कारण उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। अभी सेंटर में 57 प्रवासी श्रमिक रूके हैं।
पटियापाली के क्वारेंटाइन सेंटर में 62 प्रवासी श्रमिकों को रखा गया है। चार श्रमिकों के कोरोना संक्रमित होने के कारण उन्हें कोरबा के कोविड 19 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सेंटर में रूके एक प्रवासी श्रमिक की तबियत खराब होने के कारण उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। अभी सेंटर में 57 प्रवासी श्रमिक रूके हैं।
डॉक्टर पवन मिश्रा ने बताया कि लक्ष्मीन बाई नामक महिला का मानसिक स्थिति सही नहीं है जिसके कारण वे कभी भी किसी को भी कुछ भी बोल देती हैं इस कारण से अन्य प्रवासी श्रमिकों ने लक्ष्मीन बाई पर भूत प्रेत का साया होने की अफवाह फैलाई थी। डा. पवन मिश्रा ने यह भी बताया कि क्वारेंटाइन सेंटर के एक अन्य श्रमिक चंद्रशेखर के सीने में दर्द होने और उस पर भी भूत प्रेत का साया होने की आशंको को लेकर ईलाज के लिए सेंटर में बुलाया गया था लेकिन भूत प्रेत जैसी कोई बात श्रमिक के साथ नहीं थी।














