सक्ती पुलिस का दो तरह चेहरा सटोरियों पर सितम और जुआरियों पर रहम ऐसा क्यों साहब
जांजगीर चाम्पा , 25-02-2021 2:07:29 AM
सक्ती 24 फरवरी 2021 - कोरोना काल मे की गई मुस्तैदी से ड्यूटी की थकान सक्ती पुलिस की मिटने लगी है यही वजह है की लगातार सटोरियों पर कार्यवाही की जा रही है लेकिन सवाल यह है कि जब सट्टा के मामले पर जुआ एक्ट की धारा लगती है तो जुए पर कार्यवाही से परहेज क्यो होती है ये सवाल हर वो कोई कर रहा है जिसने अपने बच्चो और परिजनों को जुए में बर्बाद होने से रोक नही पाए।
बता दे की सट्टा होमियोपैथी दवाई की तरह है जो रोज ही सही लेकिन धीरे धीरे बर्बाद करती है लेकिन जुआ तो एलोपैथी दवाई की तरह काम करती है एक बार दांव लगाया नही की आर या पार नतीजा तत्काल।
सक्ती पुलिस अनुविभाग के पनारी , सिरली , नगरदा में रोज दोपहर से देर रात तक जुए की महफिल सजती है और कई घर उजड़ते है।
अब सवाल यह है कि आखिर इस जुए की महफ़िल को सजाता कौन है तो बता दे कि सक्ती में दो लोग और नगरदा में एक ब्यक्ति ऐसा है जो डंके की चोट पर ना सिर्फ जुआ खिलवाता है बल्कि जुए के अड्डे पर ब्याज का धंधा भी चलाता है साथ ही जुआरियों को ऊंची कीमत पर हर वो चीज उपलब्ध कराता है जिसकी उन्हें जरूरत होती है।
हम ना तो रामायण के भरत का नाम लिख रहे है और ना किसी उमेश , मुकेश का नाम ना तो बॉम्बे की बात कर रहे है और ना चिट्टी का हम तो बस ये कह रहे है साहब अगर कार्यवाही करनी है तो सब पर करे कार्यवाही के दौरान यह ना देखे की वो दीपावली में जलने वाला दीपक है की दीमक वाला खोलटा भेद भाव ना करे और कार्यवाही करे बाकी देखने के लिए कृष्ण मनोहर है ना ,,

















