साहब हम पद को सलाम करते है आपको नही , निपटा लीजिए जितनी फाइलें लेकिन आपको आश्रित होना है हम पर ,,
जांजगीर चाम्पा , 24/07/2024 5:03:04 AM
जांजगीर चाम्पा 25 जनवरी 2021 - साहब कुर्शी तो बेजुबान कुर्शी है चाहे उस पर जो बैठे उसे फर्क नही पड़ने वाला फिर कुर्शी को लेकर इतना गुमान और गलतफहमी क्यो एक बात दिल और दिमाग मे उतार लीजिए की लोग पद को सलाम करते है ना की आपको और ना कुर्शी को।
आम जनता ने कई ऐसे अधिकरियों को करीब से देखा है जो पदों से उतरते ( रिटायर्ड ) होते ही उन पर आश्रित हो जाते है जिन्हें वे कभी तुक्ष्य नजरों से देखा करते थे ।
माली , चौकीदार , काम वाली बाई , ड्राईवर या फिर रखैल वो कोई भी हो सकता है जिन्हें आप कभी कीड़े मकोड़ों की तरह देखते थे उन्हें कुर्शी से उतरते ही सम्मानजनक शब्दो से संबोधित करने लगते है।
क्योंकि इस बात को आप अच्छे से जानते है की रिटायर्ड होने के बाद आपको पेंसन तो मिलेगा लेकिन वो सम्मान नही हाशिल होगा जो हुआ करता था मगर घरेलू काम तो इन्ही छोटे लोगो से लेना पड़ेगा।
अब वक्त है बदलाव का तो जाते जाते निपटा लीजिए चाहे जितनी फाइलें क्योंकि कुछ महीने बाद तो आपको इन्हीं यादों के सहारे समय ब्यतीत करना है।
















