छत्तीसगढ़ - मायके वालों को करोड़पति बनाने के लिए बेटी ससुराल में करती थी यह कांड, पति ने जब घर मे CCTV कैमरा लगाया तो..
रायगढ 05 जून 2026 - छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धोखाधड़ी का एक अजीब मामला सामने आया है। इस मामले में पत्नी ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर अपने पति के साथ धोखा किया। साथ ही प्रताड़ित किया। पीड़ित पति ने इसकी शिकायत थाने में की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शिकायत के अनुसार, पत्नी पर आरोप है कि वह अपने पति पिंगल कुमार बघेल की कमाई के पैसे अपने छोटे भाई को देती रही। जब पति को शक हुआ तो उसने घर में CCTV लगवाए, जिसमें पता चला कि पैसे साले के बैंक खाते में जमा किए जा रहे हैं। बाद में करीब 22 लाख 63 हजार रुपए के लेन-देन का मामला सामने आया। जब पति ने पैसे वापस मांगे तो उसे साफ मना कर दिया। वहीं पत्नी ने खुदकुशी की धमकी देकर परेशान करने लगी।
इसके अलावा पति पिंगल कुमार बघेल का कहना है कि 2022 में जमीन खरीदने के दौरान उस पर दबाव बनाकर वह जमीन पत्नी के नाम करवा दी गई। जब उसी जमीन पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया, जो अब कंपनी के अधिग्रहण के तहत 8 से 9 करोड़ रुपए के मुआवजे के दायरे में आ गया है। पति का कहना है कि लालच में आकर साले और ससुर ने पत्नी से उसकी बाकी संपत्ति को अपने नाम से करने के लिए दबाव बनाया, जिसे पत्नी के नाम करने से मना कर दिया, तो उसकी पत्नी ने थाने में उसके खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना की झूठी शिकायत दर्ज करा दी। यह मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है।
अब जानिए पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल महीने में वार्ड क्रमांक 5 छाल रोड, घरघोड़ा के पिंगल कुमार बघेल (41) ने एसपी ऑफिस में अपनी पत्नी सीमा बघेल, ससुर भरत लाल यादव और साले कृष्ण कुमार यादव के खिलाफ शिकायत की थी। इस शिकायत की जांच SDOP धरमजयगढ़ ने की।
जांच के दौरान पिंगल कुमार बघेल ने बताया कि वह फेब्रिकेशन और सेंट्रिंग का व्यवसाय करता है। पिंगल ने बताया कि उसने मार्च 2008 में सीमा बघेल से लव मैरिज की थी। कोरबा के आर्य समाज में हिंदू रीति-रिवाज से उसने शादी की थी। शुरुआती दिनों में उनका वैवाहिक जीवन ठीक चल रहा था। साल 2010 में बेटी के जन्म के बाद ससुराल पक्ष का उसके घर आना-जाना बढ़ गया।
इसके बाद धीरे-धीरे उसके ससुर और साले उसके पारिवारिक और आर्थिक मामलों में दखल देने लगे। पिंगल ने यह भी बताया कि अपने व्यवसाय के लिए उसने 2010 से कई बार लोन लिया है। उसने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, घरघोड़ा शाखा से करीब 6 बार और श्रीराम फाइनेंस से 4 बार कर्ज लिया है।
















