सक्ती - आखिर किसने पोती राजा धर्मेन्द्र सिंह और देवेन्द्र अग्निहोत्री की तश्वीर पर लाल स्याही, और क्या है इसके मायने??
सक्ती 03 अप्रैल 2026 - लगता है कि सक्ती के प्रसिद्ध माँ महामाया मंदिर में ब्यापक तौर पर हो रहे भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद सक्ती के धर्म प्रेमी अब जागरूक होने लगे है। शायद यही वजह है कि माँ महामाया मंदिर के पास लगे राजा धर्मेन्द्र सिंह और पंडित देवेन्द्र नाथ अग्निहोत्री के होर्डिंग्स पर छपे कथित राजा धर्मेन्द्र सिंह, महल के नौकर रोहिताश चंद्र दोहरे, सहयोगी पंडित देवेन्द्र नाथ अग्निहोत्री , कोमल यादव और राजेश खन्ना की तस्वीरों पर अज्ञात ब्यक्ति ने लाल स्याही पोत दी है।
गौर करने वाली बात यह है कि माँ महामाया मंदिर के पास लगे इस होर्डिंग्स में स्व. राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, पंडित देवेन्द्र नाथ अग्निहोत्री, महल के नौकर रोहिताश चंद्र दोहरे, सहयोगी पंडित देवेन्द्र नाथ अग्निहोत्री, कोमल यादव और राजेश खन्ना की तस्वीरों के साथ अमर लाल अग्रवाल, अमित शर्मा, पूर्णेश गबेल और श्याम गबेल की भी तश्वीर थी।
लेकिन सवाल यह है कि आखिर अज्ञात लोगों ने अमर लाल अग्रवाल, अमित शर्मा, पूर्णेश गबेल और श्याम गबेल की तश्वीर को छोड़कर सिर्फ कथित राजा धर्मेन्द्र सिंह, महल के नौकर रोहिताश चंद्र दोहरे, सहयोगी पंडित देवेन्द्र नाथ अग्निहोत्री , कोमल यादव और राजेश खन्ना की तस्वीरों पर ही लाल स्याही को क्यो पोती। अभी यह होर्डिंग्स मंदिर के सामने ही लगा हुआ है जिसे जाकर आप देख सकते है हो सकता है कि खबर वायरल होने के बाद होर्डिंग हटा या साफ कर दी जाए।
इन तस्वीरों पर पोती गई लाल स्याही का मतलब क्या और स्याही पोतने वाले का उद्देश्य क्या है इसका तो पता नही लेकिन यह लाल स्याही उनके मुंह पर एक तरह का करारा तमाचा है जिन्होंने माँ महामाई मंदिर को अपनी बफौती समझ कर दान और पुण्य के नाम पर अपनी तिजोरी भर रहे है।
बाकी तो सब जै जोहार है ही..
















