छत्तीसगढ़ - 08 प्रधान पाठक बर्खास्त, फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर 19 साल से कर रहे थे नौकरी
धमतरी 08 जनवरी 2026 - शिक्षा विभाग ने वर्षों पुराने फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई करते हुए धमतरी जिले के 8 प्रधान पाठकों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि बर्खास्त किए गए अधिकांश प्रधान पाठक मगरलोड विकासखंड के हैं और सभी वर्ष 2007 से शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे थे। करीब 19 वर्षों तक नौकरी करने के बाद अब इन्हें सेवा से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
धमतरी जिला शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2007 में धमतरी जिले में शिक्षाकर्मी भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इस भर्ती को लेकर उस समय भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। बाद में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत कुछ शिक्षकों के शैक्षणिक और अन्य दस्तावेज सार्वजनिक हुए थे। दस्तावेजों की जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज फर्जी हैं।
इसके बाद शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की विभागीय जांच कराई। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि संबंधित शिक्षाकर्मियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। हैरानी की बात यह है कि इन शिक्षकों ने न केवल करीब 19 साल तक नौकरी की, बल्कि वर्ष 2018 में हुए संविलियन (शिक्षाकर्मी से शिक्षक संवर्ग में समायोजन) का लाभ भी प्राप्त किया। इतना ही नहीं, बीते वर्षों में ये सभी शिक्षक पदोन्नत होकर प्रधान पाठक के पद तक पहुंच गए थे। शिक्षा विभाग की कार्रवाई में जिन 8 प्रधान पाठकों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, उनमें से एक पहले से निलंबित था।
शिक्षा विभाग द्वारा जिन प्रधान पाठकों को बर्खास्त किया गया है उनमें..
01- लखनलाल साहू, शासकीय प्राथमिक शाला विश्रामपुर, धमतरी (पूर्व से निलंबित)
02 - ईश्वरी निर्मलकर, शासकीय प्राथमिक शाला सोनारिनदैहान, मगरलोड
03 - मंजू खुंटेर, शासकीय प्राथमिक शाला भरदा, मगरलोड
04 - युकेश, शासकीय प्राथमिक शाला भाटापारा दुधवारा, मगरलोड
05 - लता साहू, शासकीय प्राथमिक शाला खिसोरा, मगरलोड
06 - हेमंत कुमार साहू, शासकीय प्राथमिक शाला, मगरलोड
07 - पूनम सोनवानी, शासकीय प्राथमिक शाला थानापारा, नगरी
08 - हरिशंकर साहू, शासकीय प्राथमिक शाला चटर्रीबहरा, नगरी

















