राजा हत्याकांड में आया संजय वर्मा का नाम , सोनम रघुवंशी ने 25 दिन में 112 बार संजय से की फोन पर बात
इंदौर 19 जून 2025 - इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के मोबाइल कॉल डिटेल से पता चला है कि वह वारदात से पहले किसी संजय वर्मा नामक युवक से लगातार संपर्क में थी. 1 मार्च से 25 मार्च के बीच सोनम ने 112 बार संजय वर्मा को कॉल किया, जिससे अब यह अंदेशा और गहरा हो गया है कि हत्या की साजिश में सिर्फ राज कुशवाहा ही नहीं, बल्कि अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संजय वर्मा कौन है ? .
कुछ दिन पहले ही सोनम के वाराणसी से गाजीपुर तक के सफर की कहानी में भी यह बात सामने आई थी कि उसके साथ दो और लोग थे. गाजीपुर के सैदपुर की रहने वाली उजाला यादव ने दावा किया था कि 8 जून की रात वह जब लखनऊ से वाराणसी आई और यहां से गाजीपुर जाने के लिए बस पकड़ने गई थी. उसी वक्त सोनम वहां थी. उसने गोरखपुर जाने के बारे में पूछा. उजाला का दावा था कि सोनम के साथ दो युवक भी थे, जिनमें से एक ने सफेद शर्ट पहन रखी थी और दोनों ने चेहरा ढक रखा था।
उजाला बताती हैं कि सोनम ने पहले गोरखपुर ट्रेन से जाना चाहती थी लेकिन ट्रेन सुबह थी, इसलिए वह बस में चढ़ गई. उजाला ने यह भी बताया कि बस यात्रा के दौरान जब वह सोशल मीडिया पर राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़े वीडियो देख रही थी, तो सोनम ने उसे ऐसा न करने को कहा. सोनम ने उजाला से फोन मांगकर एक नंबर टाइप किया, लेकिन कॉल नहीं किया, और फिर नंबर को फोन से डिलीट कर दिया।
सोनम की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस यह मान रही थी कि इस पूरे घटनाक्रम में उसके और सहयोगी भी शामिल थे. अब कॉल रिकॉर्ड में संजय वर्मा का नाम आना इस बात को और पुष्ट करता है कि उसकी मदद किसी और ने भी की है। अब मेघालय पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि..
- क्या संजय वर्मा ही सोनम की मदद की थी ?
- क्या सोनम को वाराणसी तक लाने में संजय का रोल था ?
- उजाला यादव ने जिन दो युवकों के बारे में बताया क्या उनमें से एक संजय वर्मा तो नहीं?
वैसे पुलिस को संदेह है कि हो सकता है कि आरोपियों ने फर्जी नाम से सिम लेकर ही इसका इस्तेमाल किया हो. पुलिस का कहना है कि इसकी पूरी संभावना है कि सोनम और उसके साथियों ने फर्जी नाम से सिम लिया हो।

















