हो गई पूर्ण शराबबंदी , 01 अप्रैल से नही मिलेगी एक बूंद भी शराब , सरकार ने जारी किया आदेश
भोपाल 31 मार्च 2025 - मध्यप्रदेश सरकार ने धार्मिक नगरों में शराबबंदी करने का फैसला लिया है। एक अप्रैल यानी कल से 17 धार्मिक नगरी में शराब की बिक्री नहीं होगी। इनमें उज्जैन, दतिया, पन्ना, मंडला, मुल्ताई, मंदसौर, मैहर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, सलकनपुर, बरमान कला, बर्मन खुर्द, कुंडलपुर, बांदकपुर शामिल है। शराब दुकानों के अलावा होटल और रेस्तरां में शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की बात करें तो यहां 17 दुकान बंद हो जाएंगे। वहीं 11 होटल और रेस्तरां में शराब नहीं बिकेगी।
दरअसल, मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने जनवरी महीने में महेश्वर में आयोजित कैबिनेट में धार्मिक नगरों में शराबबंदी के फैसले पर मुहर लगी। नई शराब नीति के तहत 17 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया। उस समय कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि जो दुकानें बंद की जाएंगी, उन दुकानों को कहीं और शिफ्ट नहीं किया जाएगा। ये पूर्णत बंद होंगी। मप्र के शहरों के धार्मिक महत्व को देखते हुए ये फैसला लिया गया है।
शहरों के अलावा नर्मदा नदी के दोनों किनारों के पांच-पांच किमी दायरे तक शराब दुकान नहीं रहेंगी।
मप्र के अन्य बड़े शहर जहां पर धार्मिक कारणों से शराबबंदी लागू की गई है, उनमें दतिया एक मुख्य जगह है। पीतांबरा पीठ होने की वजह से यहां शराबबंदी की गई है। वहीं अमरकंटक नर्मदा का उद्गम स्थल है। इस वजह से यहां शराब प्रतिबंधित रहेगी। मंदसौर में पशुपतिनाथ का मंदिर है। यहां के लोग लंबे समय से शराब बंदी की मांग भी कर रहे थे। मैहर में माता शारदा विराजित हैं। इसके अलावा पन्ना में भी शराब पर रोक लगाई गई है।

















