छत्तीसगढ़ - कुर्सी के लिए दल बदलने वाले इन तीन नेताओं को लगा जोर का झटका
बिलासपुर 10 जनवरी 2024 - जिला व जनपद पंचायत क्षेत्रों का बुधवार को आरक्षण किया गया। आरक्षण की प्रक्रिया ने वो कर दिखाया है जो बीते एक साल से भाजपा के दिग्गज नेता व कार्यकर्ता नहीं कर पा रहे थे। कुर्सी सुरक्षित रखने की खातिर दल और दिल बदलने वाले तीन नेताओं का राजनीतिक भविष्य इस बार खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चाैहान,राजेश्वर भार्गव व राहुल सोनवानी ने कांग्रेस का दामन छोड़ कर भाजपा में हो लिए थे। तब जिला पंचायत में भाजपा की राजनीति करने वाले नेता असहज होने के साथ ही भीतर ही भीतर नाराज भी हुए थे लेकिन अनुशासन और पार्टी लाइन के लिए चुप्पी साध ली थी। आरक्षण के चलते अब इन तीनों नेताओं को दूसरे क्षेत्रों में संभावनाएं टटोलनी होगी।
देखने वाली बात यह भी है कि जहां ये संभावनाएं तलाशेंगे वहां के कार्यकर्ता और मतदाता किस अंदाज में मेजबानी करते हैं।
आरक्षण ने ऐसे बिगाड़ा राजनीतिक खेल
जिला पंचायत के क्षेत्र क्रमांक 17 (कोटा) यहां से अरुण सिंह चौहान पहले सदस्य बने फिर अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचे। तब यह सीट सामान्य थी। अब अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो गया है।
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 11 (मस्तूरी) पहले यह सीट SC के लिए आरक्षित थी। तब राहुल सोनवानी चुनाव जीतकर जिला पंचायत पहुंचे और सभापति की कुर्सी हासिल की। अब यह सीट SC महिला के लिए आरक्षित हो गई है।
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 13 (मस्तूरी) पहले SC के लिए यह सीट आरक्षित थी। राजेश्वर भार्गव चुनाव जीते और सभापित बने। अब यह सीट SC महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
आरक्षण के बाद इन तीनों नेताओं को बड़ा झटका लगा है। तीनों नेताओं की अपनी पुरानी सीट से दावेदारी खत्म हो गई है। तीनों ही सीटों पर नए चेहरे नजर आएंगे। यह भी देखने वाली बात होगी कि अपनी पुरानी व परंपरागत सीटों पर नए चेहरों को तीनों के अलावा इनके समर्थक किस तरह एडजस्ट करते हैं या चुनावी माहौल में कैसे सामंजस्य बैठाएंगे।
















