छत्तीसगढ़ के बर्खास्त IAS अधिकारी बाबूलाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ी , विशेष न्यायालय ने नही दी जमानत , अब जेल में मनेगी दीपावली ,,
रायपुर , 13-11-2020 11:59:32 PM
रायपुर 13 नवम्बर 2020 - भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार बर्खास्त IAS अधिकारी बाबूलाल अग्रवाल को दिवाली जेल में ही मनानी होगी।
प्रवर्तन निदेशालय के अफसरों ने रायपुर की बेनामी संपत्ति संव्यवहार प्रतिषध अधिनियम के लिए बनी विशेष अदालत में बीएल अग्रवाल को पेश किया। अफसरों के दो दिन की रिमांड की मांग को अदालत ने ख़ारिज कर दिया। साथ ही बीएल अग्रवाल की जमानत की अर्जी को भी खारिज करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
बाबूलाल अग्रवाल को अधिकारियों ने मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के पुराने मामले में सोमवार शाम को उनके देवेंद्र नगर स्थित निवास से गिरफ्तार किया था। बाबूलाल अग्रवाल ने उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई है। लेकिन ऐसा सोमवार को ही हो पाएगा और तब तक उन्हें जेल में ही रहना होगा। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा था, एजेंसी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के आधार पर इस मामले की जांच कर रही है। जांच में आई ए एस बाबूलाल अग्रवाल और उनके परिवार के दूसरे सदस्यों की बेहिसाब संपत्ति का मामला सामने आया।
जांच से पता चला है कि बाबूलाल अग्रवाल ने मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम से संबंधित टेंडर का बंटवारा कर कुछ गैर-मौजूदा संस्थाओं को किया। जांच में सामने आया है कि बीएल अग्रवाल, सुनील अग्रवाल और उनके भाई अशोक अग्रवाल और पवन अग्रवाल ने साथ मिलकर खरोरा के आसपास के गांवों में ग्रामीणों के नाम पर 400 से अधिक बैंक खाते खोले गए। इनमें लगभग 46 करोड़ रुपए जमा किए गए। जिसे उनके सीए सुनील अग्रवाल और अन्य संस्थाओं की ओर से खोली गई सेल कंपनियों ने भी लूटा है।














