छत्तीसगढ़ - बहु के लगाए आरोपो से सास को 24 साल बाद मिली मुक्ति , हाईकोर्ट ने किया बाइज्जत बरी , जाने क्या है मामला
बिलासपुर , 30-07-2024 7:09:59 AM
बिलासपुर 30 जुलाई 2024 - पति द्वारा रक्षाबंधन पर मायके नहीं छोड़ने से नाराज पत्नी ने 14 अगस्त 2001 को ट्रेन से कटकर जान दे दी। आत्महत्या से पहले उसने सास ससुर पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए चिट्ठी भी लिख दी।
आत्महत्या से पहले बहू ने चिट्ठी में आरोप लगाया था कि मेरी सास और ससुर रोज गाली देते हैं मैं जब से इस घर में आई हूं, तभी से आज तक मुझे इन लोगों ने गाली ही दी है। कल मेरे बाबा ने हाथ पैर छूकर माफी मांगी, तब भी इन लोगों का गुस्सा नहीं उतरा, इसलिए मैं यह कदम उठाने पर मजबूर हो रही हूं।
सुसाईड नोट के आधार पर पुलिस ने बुजुर्ग सास-ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर अदालत में मुकदमा पेश कर दिया। न्यायालय ने अप्रैल 2002 में दोनों को धारा 304 B दहेज हत्या व प्रताड़ना के आरोप में 10 वर्ष की सजा सुनाई थी।
इसके खिलाफ मृतका की सास ने हाई कोर्ट में अपील पेश की। 24 वर्ष बाद हाई कोर्ट से अपील पर निर्णय आया। हाई कोर्ट ने गवाह दस्तावेज व मृतका के माता पिता के बयान में यह पाया कि अपीलकर्ता सास व ससुर ने कभी भी दहेज की मांग नहीं की है। मृतका जिद्दी स्वभाव व अपनी मनमर्जी करने वाली थी।
24 साल बाद अब जाकर बुजुर्ग सास को राहत मिली है। न्याय की आस में ससुर की जेल में मौत हो गई थी। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत के फैसले को रद करते हुए याचिकाकर्ता सास की रिहाई के आदेश जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक रायपुर निवासी अपीलकर्ता शोभा व सुधाकर राव के पुत्र सतीश की शादी 16 जनवरी 2001 को कामिनी के साथ हुई थी। शादी के 6 माह बाद दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाती हुई चिट्ठी लिखी और 14 अगस्त 2001 को टाटा - नागपुर पैसेंजर के सामने कूद कर जान दे दी।
















