बाराद्वार के पति-पत्नी वाली नगर सरकार में चल रहा है बड़ा खेला , शहर को छोड़ हो रहा है इनका विकास
सक्ती , 08-07-2024 12:07:54 PM
सक्ती 08 जुलाई 2024 - बाराद्वार नगर पंचायत में सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है। 15 वार्डो वाले बाराद्वार नगर पंचायत में पिछले 10 साल से कांग्रेस समर्थित पति - पत्नी की सरकार चल रही है। लेकिन पति और पत्नी के पास उपलब्धि बताने के नाम पर कुछ भी नहीं है। अगर बात करे साल 2013 से 2018 की तो छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार थी इसलिए ऐसा माना जा रहा था कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार बाराद्वार कांग्रेस नगर सरकार की उपेक्षा करते हुए विकास कार्यो के लिए उतनी राशि स्वीकृत नही कर रही थी जितनी जरूरत थी।
लेकिन साल 2018 से 2023 तक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही और 15 वार्ड वाले बाराद्वार नगर पंचायत में कांग्रेस समर्थित रेशमा की सरकार रही और खास बात यह कि रेशमा के पति विजय नगर पंचायत उपाध्यक्ष के साथ तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत के खास करीबियों में से एक थे लिहाजा ना तो बजट की कमी रही और ना कार्यो की। तो जाहिर है पैसा तो खूब आया होगा लेकिन विकास नही आया।
इस 05 साल के सुनहरे कार्यकाल की बात करे तो नगर को छोड़कर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित चहेते ठेकेदारों और करीबियों का ही विकास हुआ। नगर तो वैसे का वैसे ही रहा लेकिन पुरानी बाईक पर चलने वाले चमचमाती कार की सवारी करने लगे। बाराद्वार की सड़कें तो जस की तस रह गई लेकिन सड़क बनाने वालों के घरों में मार्वल लग गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सरकार बाराद्वार नगर पंचायत में कांग्रेस सरकार के दौरान की गई भ्रस्टाचार की जांच कराए तो ऐसे ऐसे खुलासे होंगे जो आम लोग और सरकार की सोच से परे होगा। लोगो का तो यह भी कहना है कि पति और पत्नी वाली बाराद्वार की नगर सरकार "खाओ और खाने दो" की तर्ज पर चलते आ रही है यही वजह है कि "विपक्ष" भी खामोश रहा जिसकी वजह से आज तक कोई बड़ी शिकायत नही हुई है।

















