छत्तीसगढ़ में बिजली संबंधी कार्यों के लिए अब दफ्तर का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं , क्योंकि ,,
छत्तीसगढ़ , 16-10-2020 9:40:54 PM
रायपुर 16 अक्टूबर 2020 - छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कम्पनी के "मोर बिजली एप" के जरिए विद्युत सेवाएं सहजता से उपभोक्ताओं को उपलब्ध करायी जा रही है। विद्युत संबंधी कई कार्य आसानी से घर बैठे किए जा सकेंगे। उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी कार्यों के लिए अब दफ्तर का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। इससे श्रम, समय और पैसे की बचत होगी। उपभोक्ताओं के लिए उनका मोबाइल ही बिजली दफ्तर बन जाएगा। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को गूगल एप में जा कर "मोर बिजली एप" को डाउन लोड कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इस एप के माध्यम से बिजली बंद की शिकायत, बिजली बिल भुगतान जैसी कई सुविधाएं ऑनलाइन मिलेंगी।
फ्यूज कॉल सेंटर, पहुंच जाएगा मिस्त्री गूगल मैप के सहारे
"मोर बिजली एप" के जरिए बिजली बंद होने की शिकायत दर्ज कराते ही बिजली विभाग के संबंधित फ्यूज कॉल सेंटर के कंप्यूटर के स्क्रीन में शिकायत दर्ज हो कर ऑपरेटर को दिखने लगेगी । उपभोक्ता को एसएमएस के द्वारा शिकायत के पंजीकरण की जानकारी भी मिल जाएगी। गूगल मैप के सहारे बिजली मिस्त्री सीधे उपभोक्ता के परिसर तक पहुंच जाएगा। बिजली सुधार होते ही उपभोक्ता को एसएमएस से सूचना मिल जाएगी। ट्रांसफार्मर से संबंधित शिकायत आते ही सिस्टम स्वतः ट्रांसफार्मर की जांच हेतु शिकायत को संज्ञान में लेकर संबंधित को एसएमएस के द्वारा सूचित करेगा, इससे सुधार कार्य जल्दी हो सकेंगे।
अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यों का मूल्यांकन होगा, सेवा की रेटिंग भी दे सकेंगे। उपभोक्ता
विद्युत सुधार संबंधी कार्यों को तत्परता से पूरा कराने हेतु संबंधित दल के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने हेतु अंक आधारित व्यवस्था भी लागू की है। उदाहरण के लिये बिजली बन्द की शिकायत यदि 4 घंटे में सुधरती है तो संबंधित अधिकारी एवं टीम के कर्मचारियों को उनके परफॉमेंस के लिए 10 अंक मिलेंगे और इसमें विलंब होने पर कम अंक मिलेंगे। निर्धारित समय से पहले शिकायत का निराकरण होने पर बोनस अंक का प्रावधान भी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिये है। इस से अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यों का मूल्यांकन होगा। काम-काज में अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा। उपभोक्ता सेवा में सुधार आएगा। उपभोक्ता अब एप पर मिली सेवा की रेटिंग भी दे सकेंगे।
जीपीआरएस लोकेशन की सूचना मिल जाएगी।
"मोर बिजली एप "के आपातकालीन शिकायत में सीधे जा कर मौके में टूटे तार की फोटो खींचना है और अपलोड बटन को दबा कर अपलोड करने से उसी क्षण एसएमएस के द्वारा सीधे संबंधित को मौके की जीपीआरएस लोकेशन की सूचना मिल जावेगी। जीपीआरएस लोकेशन के आधार पर सुधार दल गूगल मैप से सीधे मौके पर पहुंच जाएगा।
बिल का ऑनलाइन भुगतान-
उपभोक्ता अब अपना स्वयं एवं अपने संबंधित अन्य 4 विद्युत कनेक्शन के विद्युत बिल को सीधे मोबाइल पर देख सकता है और वहीं बिल का ऑनलाइन भुगतान भी कर सकता है। भुगतान केंद्र जाने और लाईन में लग अपनी बारी की प्रतीक्षा की अब जरूरत नहीं, सीधे मोबाइल से ऑन लाइन भुगतान की सुविधा है।
बिजली बिल हॉफ योजना, राज्य के लगभग 38 लाख उपभोक्ता सीधे लाभ
छत्तीसगढ़ सरकार की महती बिजली बिल हॉफ योजना से मिल रहा लाभ अब मोबाइल के मोर बिजलीकरण एप में सीधे जा कर देखा जा सकता है। इस योजना ने घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बहुत बड़ी राहत दी है। इस योजना से वर्तमान में छत्तीसगढ़ के लगभग 38 लाख उपभोक्ता सीधे आधा बिजली बिल का लाभ पा रहे हैं।
दो वर्षों में खपत हुए यूनिट्स को माहवार जानकारी उपलब्ध
पिछले दो वर्षों में खपत हुए यूनिट्स को माहवार जाना जा सकता है। इन दो वर्षों में किये गये भुगतान को भी देखा जा सकता है। घरेलू उपभोक्ता अब अपना बिजली बिल की गणना को स्वतःही देख और समझ पाएंगे। वर्तमान में लागू टेरिफ की जानकारी भी मोर बिजली से मिलेगी।
रिडिंग संबंधित शिकायतों का निराकरण आसान-
उपभोक्ता अब अपने खुद के मीटर की रीडिंग की फोटो खींच कर बिजली दफ्तर को मोर बिजली एप के द्वारा भेज सकेंगे, ताकि मीटर रिडिंग संबंधित शिकायतों का निदान आसानी से किया जा सके।
लोड बढ़ाने या घटाने संबंधी आवेदन भी एप के जरिए-
उपभोक्ता अब नये निम्न दाब बिजली कनेक्शन का आवेदन, निम्न दाब के वर्तमान बिजली कनेक्शन में लोड बढ़ाने या घटाने संबंधी आवेदन भी इस एप के जरिए दे सकेंगे। उपभोक्ता अब वर्तमान निम्न दाब बिजली कनेक्शन से संबंधित नाम परिवर्तन, टेरिफ परिवर्तन, मीटर शिफिं्टग संबंधित आवेदन, बिना बिजली दफ्तर जाये, सीधे "मोर बिजली एप "से आसानी से कर सकेंगे।














