अब थानों में पुलिस वालों के मुंह से सुनाई नही देंगे यह 69 शब्द , आदेश जारी
मध्य प्रदेश , 15-05-2024 4:41:19 AM
भोपाल 14 मई 2024 - अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध अनुसंधान) पवन श्रीवास्तव ने प्रदेश की सभी जिला पुलिस इकाइयों को स्मरण पत्र भेजकर समस्त कार्यवाही में उर्दू-फारसी के शब्दों के स्थान पर हिंदी शब्दों के अधिक से अधिक उपयोग की अपेक्षा की है।
उन्होंने लिखा है कि हिंदी के उपयुक्त शब्द उपलब्ध होने के बाद भी उर्दू-फारसी के शब्दों का उपयोग अधिक हो रहा है, जबकि शासन द्वारा दो वर्ष पहले ही अपेक्षा की गई थी कि हिंदी शब्दों का प्रयोग अधिक हो। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने कार्यवाही में उपयोग होने वाले उर्दू, फारसी के 69 शब्दों की जगह सरल हिंदी के शब्द सुझाए थे।
बता दें कि दफा, कैदखाना, जरायम, इत्तिला, इमदाद, खून आलूदा, मुचलका, खैरियत जैसे कई ऐसे उर्दू और फारसी शब्दो का अंग्रेजों के जमाने से चलन है और इनके सरल हिंदी शब्द उपलब्ध होने के बाद भी पुलिस परंपरा को ढोती आ रही है। वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि उर्दू-फारसी की जगह पुलिस को हिंदी के सरल शब्दों का उपयोग करना चाहिए। इसके बाद गृह विभाग ने इस पर अमल के आदेश जारी किए थे, पर अधिकतर जगह पुलिस सुस्ती दिखा रही थी।
कुछ प्रचलित गैर हिंदी शब्द - हिंदी शब्द जिनका प्रयोग करना है..
दफा - धारा
कैदखाना - बंदीगृह
जरायम - अपराध
मुचलका - बंधपत्र
खैरियत - कुशलता
ताजिरात-ए-हिंद - भारतीय दंड संहिता
जाप्ता फौजदारी - दंड प्रक्रिया संहिता
अदालत - न्यायालय
तफ्तीश - जांच
कायमी - पंजीयन
कैफियत - विवरण
इत्तिला - सूचना
इमरोजा - आज दिनांक
इमदाद - सहायता
तामील - सूचित
खून आलूदा - रक्त रंजित
गवाह - साक्षी
बयान - कथन
मसरूका - संपत्ति
संगीन - गंभीर
सजा - दोष सिद्ध
हिकमत अमली - विवेकानुसार
गोस्वारा - नक्शा
दस्तंदाजी - संज्ञेय
मर्ग - अकाल मृत्यु
मुतफार्रिक - विविध

















