खुद के चार बच्चे लेकिन किसी का नहीं मनाया जन्मोत्सव , घोड़ी ने जन्मा खच्चर तो 300 लोगों को दी ग्रैंड पार्टी
मध्य प्रदेश , 10-05-2024 4:27:53 AM
मुरैना 09 मई 2024 - बानमोर कस्बे के खदान रोड पर रहने वाले एक कुंभकार के घर घोड़ी ने मन्नतों के बाद दो खच्चरों को जन्म दिया तो पूरे परिवार ने दोनों ही खच्चरों का दष्ठौन धूमधाम से मनाया। परिवार ने अपने बच्चों का कभी दष्ठौन नहीं मनाया, लेकिन अपने दोनों खच्चरों के लिए 300 लोगों को भोज दिया, इसके साथ ही ससुराल की ओर से पच्छ भी मंगाया गया। पच्छ आने पर ढोल नगाढ़ों से स्वागत किया गया। बानमोर कस्बे में हुए इस अजीबो गरीब आयोजन की चर्चाएं दिनभर बनी रहीं।
खदान रोड पर रहने वाला सुनील प्रजापति का परिवार कुंभकार का व्यवसाय करता है। उसके पास एक घोड़ा व एक घोड़ी थी। उसने बेहट के काशीबाबा से मन्नत मांगी थी कि घोड़ी के खच्चर (घोड़ा और गधे की बीच की प्रजाति) पैदा हो। अप्रैल महीने में सुनील प्रजापति की यह मन्नत पूरी हो गई। उसकी घोड़ी ने दो खच्चरों को जन्म दिया। जिसमें एक नर व एक मादा है।
खच्चरों के जन्म के बाद मन्नत पूरी होने पर बुधवार को बच्चों की तरह सुनील ने इनका दष्ठौन का कार्यक्रम रखा। जिसमें पहले उनका नामकरण किया गया, जिसमें नर का नाम भोला व मादा का नाम चांदनी रखा गया। बकायदा लोगों को भोज के लिए आमंत्रित किया गया।
सुनील प्रजापति के खुद के चार बच्चे है। जिनमें निखिल 18साल, नैंसी 12साल, वेद आठ साल और गोद ली हुई बेटी भावना 22 साल है। इनमें से किसी का भी दष्ठौन नहीं किया गया है। इस कारण कुछ लोग घोड़ी के बच्चे का दष्ठौन मनाने पर आश्चर्य भी किया। सुनील का मूल काम ईंट भट्टों से जुड़ा हुआ है।

















