कोरोना वैक्सीन लगवा चुके लोगो के लिए डरावनी खबर , वैक्सीन का सामने आ रहा है यह साइड इफेक्ट्स
नई दिल्ली , 02-05-2024 8:32:13 PM
नई दिल्ली 2024 - कोरोना महामारी के दौरान लोगों को बीमार होने से बचाने के लिए ऑक्सफोर्ड- एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लगाई गई थी। इस वैक्सीन का उत्पादन भारत में अदार पूनावाला के सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा किया गया था। इसके बाद भारत समेत दुनिया भर के करोड़ों लोगों ने यह वैक्सीन लगवाई थी। महामारी के लगभग 4 साल बाद एस्ट्राजेनेका ने ब्रिटेन के कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में पहली बार माना है कि कोविड-19 वैक्सीन में Blood Clotting से लेकर TTS जैसे साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं।
एस्ट्राजेनेका ने स्वीकार किया कि उसकी कोरोना वैक्सीन जो कोविशील्ड और वैक्सजेवरिया नाम के तहत पूरी दुनिया में बेची गई थी। लोगों में खून के थक्के समेत कई कई साइड इफैक्टस हो सकते हैं। आसान शब्दों में कहें तो इससे दिल का दौरा , ब्रेन स्ट्रोक और प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं। हालांकि, वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट्स को स्वीकार करने के बाद भी कंपनी इससे होने वाली बीमारियों या बुरे प्रभावों के दावों का विरोध कर रही है।
थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (TTS) के कारण शरीर में खून के थक्के बनने लगते हैं। ये छोटे थक्के रक्त वाहिकाओं को ब्लॉक कर सकते हैं। इसकी वजह से खून शरीर के बाकी अंगों तक नहीं पहुंच पाता है। इससे व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक और कार्डियक अरेस्ट की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, यह सिंड्रोम शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा में भी कमी का कारण बनता है।
















