छत्तीसगढ़ की इस सीट पर भाजपा ने खेला ऐसा दांव की एक झटके में टूट गया इन नेताओं के ‘दिल्ली’ जानें का सपना
नई दिल्ली , 04-03-2024 2:30:31 AM
नई दिल्ली 03 मार्च 2024 - लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। पहली लिस्ट में भाजपा ने 195 लोकसभा सीटों से उम्मीदवारों की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी सीट से चुनाव लड़ेंगे। भाजपा की पहली लिस्ट में 34 केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं। भाजपा की पहली लिस्ट में 28 महिलाएं हैं, 50 से कम उम्र वाले 47 युवा उम्मीदवार हैं, अनुसूचित जाति से 27, अनुसूचित जनजाति से 18 और पिछड़ा वर्ग से 57 उम्मीदवार शामिल हैं।
बीजेपी ने पहली लिस्ट में ही छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों पर नाम का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए रायपुर से सांसद सुनील सोनी का टिकट काट कर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पर भरोसा जताया है। इसी तरह पार्टी दुर्ग से विजय बघेल जबकि सरगुजा से पूर्व कांग्रेस विधायक चिंतामणि महाराज को अपना उम्मीदवार बनाया हैं।
भाजपा ने सभी चौंकाते हुए कोरबा से पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय को उम्मीदवार बनाया हैं जबकि कोरबा से उनका किसी तरह का कोई सीधा जुड़ाव नहीं रहा हैं। कांग्रेस अब इसे बाहरी और स्थानीय का मुद्दा बनाकर भुनाने की शुरुआत भी कर चुकी हैं। लेकिन सवाल स्वाभाविक हैं कि आखिर बीजेपी ने किन वजहों से सरोज पर दांव खेला हैं? क्या आलाकमान को स्थानीय दावेदारों पर खास भरोसा नहीं था? या फिर यह बीजेपी की बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं?
कोरबा लोकसभा सामान्य सीट हैं, ऐसे में यहाँ दावेदारों की संख्या दूसरे लोकसभा सीटों से कही अधिक थी। जिले से भाजपा के दिग्गज नेता और निगम में नेता प्रतिपक्ष हितानन्द अग्रवाल , जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन देवेंद्र पांडेय , पूर्व मेयर जोगेश लाम्बा , गोपाल मोदी , अशोक चावलानी , नवीन पटेल और विकास महतो की उम्मीदवारी मजबूत थी।
इसी तरह से आदिवासी चेहरों में ननकी राम कंवर , राम दयाल उइके , श्याम लाल मरावी के लिए भी टिकट की उम्मीद की जा रही थी। हालाँकि पार्टी ने इन सभी नामों को दरकिनार कर बिलकुल नए चेहरे पर दांव खेला हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी का यह चुनावी प्रयोग किस हद तक सफल हो पाता हैं।
















