गंगा जमना स्कूल के संचालक सहित सभी मेम्बर फरार , पुलिस ने पांच शिक्षकों को लिया हिरासत में
मध्य प्रदेश , 11-06-2023 5:40:18 PM
दमोह 11 जून 2023 - शहर के गंगा जमना स्कूल में हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनाने के मामले से लेकर मतांतरण तक और संपत्तियों की जांच जारी है। शुक्रवार की देर रात कोतवाली पुलिस द्वारा संचालकों की गिरफ्तारी के लिए छापा मारा और स्कूल के शिक्षकों को पकड़ कर कोतवाली लेकर पहुंची।
गंगा जमना स्कूल की प्रबंध समिति में मुस्लिम मेंबर्स के अलावा हिन्दू और जैन समाज के लोग भी सदस्य हैंं। इन गैर मुस्लिम सदस्यों के ऊपर भी मुकदमा दर्ज है। लिहाजा पुलिस उनके घरों में भी दबिश दे रही है। पुलिस ने जैन समाज के एक प्रतिष्ठित व्यापारी और गंगा जमना ट्रस्ट के ट्रस्टी शैलेंद्र जैन जो कि मामले में आरोपित हैं उनके घर पर गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन शैलेंद्र जैन नहीं मिले तो उनके बेटे और भतीजे को पुलिस उठा कर थाने ले गई। जब जैन समाज के लोगों को इस बात की जानकारी मिली तो लोगों मे आक्रोश फैल गया और देर रात ही बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग कोतवाली पुलिस थाने पहुंचे और विरोध जाहिर किया।
बता दे कि शाला की छात्राओं को हिजाब पहनाने के मामले में और शाला में नमाज पढ़ाने पर पुलिस प्रकरण दर्ज होने के बाद शाला के प्राचार्य एवं शिक्षकों को कथन देने के लिए कोतवाली बुलाया गया था, लेकिन नहीं पहुंचने पर शनिवार की देर रात धर पकड़ कर पांच शिक्षकों को कोतवाली लाया गया स्कूल में लगे CCTV की हार्ड डिक्स को भी जब्त किया गया है।
कोतवाली पुलिस द्वारा पूर्व में शाला की प्रबंध समिति के विरुद्ध दर्ज किए गए मामले में अध्यक्ष मोहम्मद इदरीश खान , प्राचार्य अप्सरा शेख , प्राचार्य ज्योति विरमानी , अब्दुल रज्जाक , मोहम्मद रियाज , मुस्ताक भाई, शैलेंद्र जैन , शिवदयाल दुबे , मोहम्मद फरीद , मोहम्मद इरफान , मोहम्मद शाहिद , मोहम्मद दानिश के नाम दर्ज हैं। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह का कहना है कि प्रबंध समिति के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है उनकी तलाश की जा रही है। वहीं शिक्षकों से भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
बड़ी संख्या में पुलिस बल इस कार्रवाई पर इस ऑपरेशन से जुड़े अधिकारी मीडिया को भी जानकारी नहीं दे रहे हैं। कार्रवाई के दौरान CSP भावना दांगी और कोतवाली TI विजय सिंह राजपूत से रिपोर्टर जानकारी देने सवाल करते रहे लेकिन दोनों जिम्मेदार अफसर कुछ भी बोलने से बचते रहे।
















