छत्तीसगढ़ - FIR का डर दिखा कर Phone pe पर 50 हजार की रिश्वत लेना आरक्षक को पड़ा भारी , पढ़े पूरी खबर
बिलासपुर , 03-01-2023 9:13:49 PM
बिलासपुर 03 जनवरी 2022 - न्यू ईयर की पार्टी करके ढाबा जा रहे ट्रांसपोर्टर की कार को सामने से रॉंग साइड आ रही कार ने ठोकर मार दी। इससे ट्रांसपोर्टर को चोटें आईं। वहीं, हादसे की सूचना पर चकरभाठा थाने की पेट्रोलिंग पार्टी मौके पर पहुंची। पेट्रोलिंग के जवान ने घायल की मदद करने की बजाए उल्टा उसे ही धमकाने लगा और पैसे मांगने लगा। इतना ही नहीं, उसने ड्राइवर के मोबाइल पर फोन-पे से 50 हजार रुपए भी ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद 30 हजार रुपए और मांगता रहा जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंच गई SSP पारुल माथुर ने आरक्षक को तुरंत लाइन अटैच कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक कोरबा के पाली निवासी राजेश देवनाथ ट्रांसपोर्टर हैं बीते 31 दिसंबर की रात पार्टी के लिए वे शहर आए हुए थे। बताया जा रहा है कि पहले वे सिटी मॉल के तंत्रा बार गए फिर रात्रि में चकरभाठा थाना क्षेत्र के काली ढाबा खाना खाने जा रहे थे। तभी रॉंग साइड से आ रही कार ने उनकी कार को टक्कर मार दी। उनके साथ 10 साल की बच्ची भी थी। दुर्घटना में दोनों कार क्षतिग्रस्त हुई थी। घटना की सूचना पर चकरभाठा पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई।
पेट्रोलिंग में तैनात आरक्षक चंद्रकांत निर्मलकर ने घायल की मदद करने के बजाए उसे धमकाना शुरू कर दिया और उसने राजेश को धमकाते हुए पेट्रोलिंग के ड्राइवर सुमन दास मानिकपुरी के एकाउंट में पचास हजार रुपए ले लिए। इधर हादसे की जानकारी होने पर बच्ची की मां मौके पर पहुंची। वह, बालिका को लेकर लौट गई। घायल राजेश को अस्पताल ले जाया गया। राजेश के कुछ साथियों ने इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई जिसके बाद SSP पारुल माथुर ने इसे संज्ञान में लेते हुए आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है।
आहत ट्रांसपोर्टर राजेश देवनाथ के दुर्घटना में दोनो पैर टूट गए। बताया जा रहा है कि, जब आहत अस्पताल में था तभी उसके पास आरक्षक के ड्राइवर ने फोन किया और शेष 30 हजार रुपए की और मांग की। लगातार पैसे के लिए उस पर दबाव बनाया जाने लगा इस दौरान ट्रांसपोर्टर के स्थानीय परिचितों अभिषेक चौबे भी अस्पताल आये हुए थे और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों तक की।
इस मामले के सामने आने के बाद ट्रांसपोर्टर पर शिकायत ना करने का दबाव बनाया जाने लगा। पुलिस की माने तो घायल ने अपने दोस्त के माध्यम से मामले में कार्रवाई नहीं चाहने का आवेदन थाने में दिया है। जबकि, अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि, आहत पर पुलिस अथवा उनके किसी साथी का दबाव था, जिस वजह से इस मामले की उन्होंने शिकायत नहीं की।
इस मामले के सामने आते ही पुलिस अधिकारियों ने चकरभाठा पुलिस को जमकर फटकार लगाई जिसके बाद आनन फानन में आरक्षक ने रिश्वत के रूप में लिए हुए 50 हजार रुपए ट्रांसपोर्टर को वापस कर दिए।
















