ट्रेनों की लेट लतीफी से यात्री परेशान , अगर इतनी देर चलेंगी ट्रेनें तो यात्री दिवाली के दूसरे दिन पहुंचेंगे घर
बिलासपुर , 21-10-2022 4:40:53 PM
बिलासपुर 21 अक्टूबर 2022 - ट्रेनों की लेट लतीफी का सिलसिला और भी बढ़ते जा रहा है अब ट्रेन दो या चार घंटे नहीं, बल्कि 26 घंटे विलंब से बिलासपुर स्टेशन में पहुंच रही है। पुणे से हावड़ा जाने वाली आजाद हिंद एक्सप्रेस इतनी ही देरी से पहुंची। मसलन बुधवार की ट्रेन गुरुवार को शाम छह बजे आई। इतना ही नहीं गुरुवार की आजाद हिंद एक्सप्रेस को सात घंटे रिशेड्यूल किया गया। इसी तरह रात 3:30 बजे की सारनाथ एक्सप्रेस 13 घंटे देर से बिलासपुर में पहुंची। जिस गति से ट्रेनें चल रही हैं, उसे देखते हुए उन यात्रियों की चिंता बढ़ गई है, जो दीपावली पर्व पर घर लौट रहे हैं। ऐसी हालत रही तो त्योहार के बाद ही पहुँचेंगे।
चार दिन बाद दिवाली का पर्व है। इसके मद्देनजर लोग घर छुट्टी लेकर वापस रहे हैं, पर ट्रेनों की लेटलतीफी को देखते हुए उनकी परेशानी बढ़ गई है। करीब ढाई से तीन महीने गुजरने को है हावड़ा और मुंबई की ट्रेनें लगातार घंटों विलंब से बिलासपुर पहुंच रही है। गुरुवार को स्थिति कुछ इसी तरह थी। मेल एक्सप्रेस , आजाद हिंद एक्सप्रेस, हावड़ा -अहमदाबाद एक्सप्रेस व छपरा- दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस समेत सात से आठ ट्रेनें विलंब से चल रही है।
अब लोगों की चिंता बढ़ गई है , यदि दिवाली के एक दिन पहले कोई यात्रा करते है और ट्रेनों की लेट लतीफी इसी तरह रही तो वह पर्व के दूसरे दिन घर नहीं पहुंच पाएंगे, बल्कि दूसरे दिन वह पहुंचेंगे। इसके बावजूद रेल प्रशासन ट्रेनों की लेट लतीफी को सुधारने के लिए ध्यान नहीं दे रहा है। इधर ट्रेनिंग 24 घंटे विलंब होने लगी है , बुधवार शाम चार बजे आने वाली आजाद हिंद एक्सप्रेस गुरुवार की शाम छह बजे पहुंची।
इस ट्रेन में जिन यात्रियों का रिजर्वेशन है उनमें से कुछ यात्रियों ने रिजर्वेशन रद्द करा लिया है , ताकि गंतव्य तक पहुंच सके। हालांकि कुछ यात्रियों ने ट्रेनों की इस लेट लतीफी को लेकर पूछताछ केंद्र में नाराजगी भी जाहिर की उनका कहना था कि 26 घंटे में विलंब चलाने से क्या मतलब इससे बेहतर होता कि ट्रेन रद्द कर दी जाती कम से कम यात्रियों को पूरा रिफंड मिलता।
















