जांजगीर जिले के सक्ती में एक बार फिर उठी गुड़ाखु की दुर्गंध , क्या फिर शुरू गुड़ाखु उद्योग ,,
छत्तीसगढ़ , 13-07-2020 9:36:56 PM
सक्ती ( छत्तीसगढ़ ) 13 जुलाई 2020 - एक समय था जब सक्ती में बनी गुड़ाखु पूरे प्रदेश तक जाती थी , सक्ती में बने हाथी , पंजा और स्वस्तिक छाप गुड़ाखु के लाखों दीवाने थे लेकिन बदलते समय ने सक्ती के गुड़ाखु ब्यवसाईयो को ऐसी मार मारी की सभी कारखाने बन्द हो गए ,,
सक्ती के गुड़ाखु कारखानों के बंद होने के पीछे की वजह तो कई है लेकिन सबसे मुख्य वजह यह है की एक बहुत बड़े रसूखदार ने पूरा गुड़ाखु ब्यवसाय पर अधिपत्य जमा लिया ।
खैर यह तो थी पुरानी बाते वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते कई चीजों के निर्माण व ब्यापार पर प्रतिबंध लगा हुआ था जिसमे से एक उत्पाद गुड़ाखू भी शामिल था ,, हालांकि अब गुड़ाखु पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है लेकिन यह प्रतिबंध अब भी जारी है की सार्वजनिक जगहों पर आप गुड़ाखु का उपयोग नही कर सकते है ।
लेकिन खबर आ रही है की सक्ती की बन्द पड़ी गुड़ाखु कारखानों में ना सिर्फ लॉक डाउन के दौरान बल्कि अब भी गुपचुप तरीके से गुड़ाखू निर्माण कर बिना लेबल के डिब्बियों में पैक कर सप्लाई किया जा रहा है ।
सालों से बन्द पड़े गुड़ाखु कारखाने के बाहर लगे नए और चमचमाते बिजली के मीटर इस बात की गवाही दे रहे है की जर्जर हो चुकी गुड़ाखु फैक्ट्री के भीतर कुछ तो गड़बड़ चल रहा है ।
वही सालों से बंद पड़े गुड़ाखू कारखाने से सामने रहने वाले लोग भी इस बात को खुल कर कह रहे है की लॉक डाउन के बाद से बंद पड़े गुड़ाखु कारखानो से एक बार फिर से गुड़ाखु की बदबू आ रही है ।
नाम ना छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया की सक्ती में एक बार फिर गुड़ाखु उद्योग शुरू हो गया है ,
लोगो ने यह जानकारी हम तक तो पहुँचा दी लेकिन जिम्मेदारों तक यह जानकारी पहुँची है या नही यह हमें नही पता ।














