जांजगीर पुलिस की बड़ी कामयाबी , 07 साल से फरार चिटफण्ड कंपनी का डायरेक्टर कोलकाता से गिरफ्तार
जांजगीर चाम्पा , 11-06-2022 4:00:10 AM
जांजगीर चाम्पा 10 जून 2022 - एस पी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्रार्थी महेन्द्र निवासी पेण्ड्री थाना जांजगीर द्वारा प्रतिष्ठा इन्फ्राकाम इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर व एजेंटों के विरूद्ध अधिक ब्याज देने का प्रलोभन देकर ग्राहकों से पैसा जमा कराने एवं रकम वापस नहीं करने की रिपोर्ट पर थाना जांजगीर में अप. क्र. 352/15 धारा 420,34 भादवि के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान 3,4,5 ईनामी चिटफंड एवं धन परिचालन (पाबंदी अधिनियम) 1978 तथा 6,10 छ.ग. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 जोड़ी गई। विवेचना के दौरान आरोपियों की पतासाजी कर 10 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है एवं प्रकरण के फरार आरोपी सुभायन बनर्जी जो घटना दिनांक से फरार था एवं गिरफ्तारी के डर से छुप रहा था उसके कलकत्ता मेें छुपे होने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल टीम को गाजियाबाद भेजकर आरोपी को दिनांक 09.06.22 को कलकत्ता पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है।
प्रार्थी विजय कुमार गढ़ेवाल निवासी खोखरा द्वारा चिटफंड कंपनी प्रतिष्ठा प्रतिष्ठा ग्रुप के संचालक द्वारा हमारे साथ छल करते हुए दोगुना राशि का प्रलोभन देने के संबंध मेें रामगोपाल गढ़ेवाल निवासी कुटराबोड़ थाना पामगढ़ के विरूद्ध थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 138/21 धारा 420,34 भादवि, 3,4,5 ईनामी चिटफंड एवं धन परिचालन (पाबंदी अधिनियम) 1978 तथा 6,10 छ.ग. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 के मामले में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्य के आधार पर अन्य आरोपियों को नामजद किया गया। आरोपियों की पतासाजी कर 09 आरोपियों को पूर्व में विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है एवं प्रकरण के फरार आरोपी सुभायन बनर्जी जो घटना दिनांक से फरार था एवं गिरफ्तारी के डर से छुप रहा था उसके कलकत्ता मेें छुपे होने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल टीम को कलकत्ता भेजकर आरोपी को दिनांक 09जून 2022 को गाजियाबाद उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक प्रतिष्ठा इन्फ्राकाम इंडिया लिमिटेड चिटफण्ड कंपनी का डायरेक्टर सुभायन बनर्जी के खिलाफ छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी धोखाधड़ी करने का अपराध पंजीबद्ध है।
प्रकरण की विवेचना कार्यवाही एवं आरोपी को गिरफ्तार करने में निरीक्षक उमेश साहू , उप निरीक्षक अवनीश श्रीवास , प्रधान आरक्षक मोहन साहू का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
















