सामूहिक कन्या विवाह में बदल गया दूल्हा , परिजनों ने लगाया यह आरोप , मामला पहुँचा कलेक्टर तक
मध्य प्रदेश , 16-03-2022 7:16:11 PM
ग्वालियर 16 मार्च 2022 - सामूहिक विवाह सम्मेलन में दूल्हा ही बदल गया। जिसे देखा था पसंद किया था, वह नहीं निकला। हैरानी की बात यह कि सामान्य युवक को पसंद किया था और जब विवाह की रस्में शुरू करने की तैयारी हुई तो दिव्यांग दूल्हा निकला। लड़की ने शादी से इंकार कर दिया और परिवार ने तत्काल ही सम्मेलन में दूसरा युवक पसंद कर आनन फानन में विवाह कराया।
वहीं समाज के पदाधिकारियों ने 17 जोड़ों का विवाह कराया और हर जोड़े से तीस-तीस हजार रूपये लिए और बदले में सामान भी नहीं दिया। पदाधिकारियों पर सात लाख की ठगी का आरोप भी है। राठौर समाज की तरफ से आयोजित इस सम्मेलन की शिकायत पहले पुलिस से की गई और सुनवाई नहीं हुई तो मंगलवार को कलेक्टर की जनसनुवाई में यह मामला पहुंचा। कलेक्टर ने इस मामले में सामाजिक न्याय विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता वीरेंद्र सिंह राठौर निवासी हस्तिनापुर ने शिकायत में बताया कि चार मार्च 2022 को गदाईपुरा में राठौर समाज का आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसी सम्मेलन में वीरेंद्र अपनी भांजी का विवाह कराने के लिए पहुंचे थे। पहले ही परिचय के बतौर युवक का चयन कर लिया था और युवक युवती दोनों ने एक दूसरे को पसंद किया। सम्मेलन में जब दूल्हे के सामने भांजी बैठी और रस्मों की तैयारी शुरू हुई तो पता चला कि दूल्हा वह था ही नहीं जो पहले देखा था। यह दूल्हा पैर से दिव्यांग था।
यह जानते ही हड़कंप मच गया और युवती ने शादी से इंकार कर दिया। मौके पर पदाधिकारियों से एतराज जताया और विवाद भी हुआ। समाज में बदनामी न हो इस डर से तत्काल दूसरे युवक का चयन कर वहीं विवाह संपन्न कराया गया। वीरेंद्र ने बताया कि जो दिव्यांग युवक वहां मौजूद था, वह बड़े परिवार से था और उससे पदाधिकारियों ने चार लाख रूपये शादी के नाम पर ऐंठे हैं।
इस मामले में विवाह सम्मेलन समिति के अध्यक्ष रामनिवास राठौर का कहना है की आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन का हमने आयोजन किया था, लेकिन तीस हजार प्रति जोड़ों से लेकर 55 हजार का सामान दिया है। दूल्हा बदलने का आरोप निराधार है। दिव्यांग युवक से हमने कोई पैसे नहीं लिए हैं।

















