यूक्रेन में फँसे छत्तीसगढ़ के छात्र ने लगाया दिमाग और ऐसे आया सुरक्षित वापस
रायपुर , 27-02-2022 12:59:31 AM
रायपुर 26 फरवरी 2022 - यूक्रेन पर रूस के हमले ने पूरी दुनिया में दहशत फैला दी है। ऐसे में वहां पढ़ाई करने के लिए गए हजारों भारतीय छात्र भी दहशत में हैं। छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में छात्र यूक्रेन में पढ़ाई करने गए हैं। खासतौर पर डाक्टरी की पढ़ाई के लिए यूक्रेन जाने वाले छात्रों की संख्या बहुत बड़ी है। युद्ध छिड़ने के बाद छत्तीसगढ़ के छात्र भी दहशत में हैं। यहां के कुछ छात्र लौट आए हैं वहीं कई छात्र अब भी फंसे हुए हैं। भिलाई के छात्र यश दीवान शुक्रवार को ही यूक्रेन से भारत लौटे हैं।
यूक्रेन से लौट कर आयेयश ने वहां के हालात के बारे में जो बताया वह वाकई बड़ा भयावह है। यश ने बताया कि वह तो सुरक्षित लौट आए, लेकिन उनके कई दोस्त अभी भी फंसे हैं। वह राजधानी कीव में रहते थे और फिलहाल सबसे खराब हालात वहीं के हैं। उनके दोस्त वहां डर के साए में रह रहे हैं।
शुक्रवार की शाम भिलाई पहुंचे यश दीवान ने बताया कि वॉर के चलते यूक्रेन से बाहर जाने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। ऐसे में भारत से मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए सैकड़ों स्टूडेंट्स वहां फंसे हुए हैं। छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स वहां हैं। दिन-रात गोलियों और बम की आवाजें सुनाई दे रही हैं। वहां रह रहे लोगों को अपार्टमैंट से निकालकर मेट्रो स्टेशन में डाल दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे अच्छा और सुरक्षित बंकर दूसरा नहीं हो सकता। कीव में अपार्टमैंट के बीच में टैंक खड़े किए हैं। वहां जब बम फटते होंगे तो उनकी क्या हालत होती होगी यह बता पाना काफी मुश्किल है।
मरोदा निवासी शैलेष दीवान के बेटे यश दीवान यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। इस साल उनका MBBS का 5वां सेमेस्टर है। वह कीव में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। रूस ने जब यूक्रेन में हमले की घोषणा की तभी उन्होंने अपनी फ्लाइट बुक कर ली थी। उनकी फ्लाइट यूक्रेन से भारत आने वाली आखिरी फ्लाइट थी। उसके बाद सभी फ्लाइट एयर स्ट्राइक के चलते बंद कर दी गई।
बता दे की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर पर चर्चा की है। उन्होंने यूक्रेन में फँसे छत्तीसगढ़ के लोगों की सकुशल रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने का आग्रह किया है। विदेश मंत्री ने सीएम को भारत सरकार की ओर से हरसंभव कदम उठाए जाने का भरोसा दिलाया है।
















