लापरवाही - डॉक्टर ने जीवित महिला को मृत घोषित कर भेज दिया पोस्टमार्टम हाउस , परिजनों ने हॉस्पिटल में किया हंगामा
मध्य प्रदेश , 26-02-2022 8:41:38 PM
ग्वालियर 26 फरवरी 2022 - सड़क दुर्घटना में घायल महिला मरीज को शुक्रवार की दोपहर जेएएच के ट्रामा सेंटर में डाक्टरों ने मृत घोषित कर शव को मोर्चुरी (शव विच्छेदन गृह) भेज दिया। स्वजन ने एंबुलेंस से शव को उतारते समय नब्ज टटोली तो महिला की धड़कनें चल रही थीं। इसके बाद स्वजन उसे वापस ट्रामा सेंटर लेकर आए और हंगामा खड़ा कर दिया। डाक्टरों को जब गलती का अहसास हुआ तो महिला को दोबारा भर्ती कर इलाज आरंभ किया।
उप्र के महोबा की रहने वाली 31 वर्षीय महिला जामवती बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। स्वजन उसे इलाज के लिए पहले हरपालपुर और फिर झांसी पहुंचे। सिर में चोट आने के कारण उसे ग्वालियर के जेएएच रैफर कर दिया गया। गुरुवार रात आठ बजे स्वजन महिला को ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। यहां उसे न्यूरोलाजी विभाग के तहत भर्ती कर उसका इलाज आरंभ कर दिया।
शुक्रवार की शाम करीब साढ़े 4 बजे ड्यूटीरत डाक्टर ने चेक किया तो महिला नब्ज नहीं मिल रही थी। इसके बाद एनेस्थीसिया के जूनियर रेजिडेंट डा. इमरान ने जांच पड़ताल के बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया। डाक्टरों ने उसे शव वाहिका में रखवा कर शव विच्छेदन गृह पहुंचा दिया। शाम करीब सात बजे शव विच्छेदन गृह में पति निरपत ने उसकी नब्ज टटोल कर देखी तो धड़कन चल रही थी। आनन फानन में तत्काल जामवती को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे और भर्ती कर दिया। नियमानुसार मरीज को मृत घोषित करने से पहले ईसीजी मशीन से उसकी ह्दय की धड़कन का पता लगाया जाता है। लेकिन जामवती के साथ ऐसा नहीं किया गया।
इस मामले में जेएएच अधीक्षक डा आरकेएस धाकड़ का कहना है कि ट्रामा में ईसीजी मशीन की उपलब्धता है की मरीज को बिना ईसीजी किए उसे मृत घोषित करना गंभीर लापरवाही है। ड्यूटीरत डाक्टर किशन व एनस्थीसिया के डा इमरान के खिलाफ डीन को कार्रवाई के लिए लिखा जा रहा है।

















